कैंप में सभी प्रभावित परिवारों को कवर किया जा रहा है. आवास योजना की शर्तों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है.
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बनभूलपुरा में आवास योजना कैंप शुरू
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By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 20, 2026 at 4:43 PM IST
हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आज से पुनर्वास की प्रक्रिया तेज हो गई है. बनभूलपुरा क्षेत्र में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कैंप लगाया गया है. यहां प्रभावित परिवारों का पंजीकरण और सत्यापन किया जा रहा है. इससे पूर्व कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए टीम द्वारा योजना के फॉर्म घर घर जा कर वितरित किए गए थे.
हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आज से पुनर्वास की प्रक्रिया जमीन पर उतरती नजर आई. वनभूलपुरा क्षेत्र में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन के संयुक्त नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विशेष कैंप का आयोजन किया गया. इस कैंप का उद्देश्य अतिक्रमण प्रभावित परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाना है. सुबह से ही कैंप में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंचे. जहां अधिकारियों द्वारा उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया गया. पात्रता के आधार पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई.प्रशासन ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी पात्र परिवार को बिना पुनर्वास के नहीं हटाया जाएगा.
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया यह कैंप चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा. जिससे सभी प्रभावित परिवारों को कवर किया जा सके. साथ ही लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना की शर्तों और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जा रही है. इससे पूर्व टीम द्वारा अतिक्रमण क्षेत्र में पहुंच कर प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म वितरित किए गए थे.
सचिव राज्य विधिक प्राधिकरण प्रदीप मणि त्रिपाठी ने बताया कोर्ट के आदेश पर आज से 6 स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं. अतिक्रमण क्षेत्र के 8 वार्ड प्रभावित हो रहे हैं. जिसमें 5 वॉर्ड पूर्ण रूप से अतिक्रमण की जद में हैं. अन्य वॉर्ड का कुछ हिस्सा अतिक्रमण की जद में है. अभी तक लगभग चार हजार से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं.22 से 31 मार्च तक कैंप में फॉर्म सत्यापन और फॉर्म वितरण का काम किया जाता रहेगा.
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