हल्द्वानी की यूट्यूब ब्लॉगर ज्योति अधिकारी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। इस बार उनका और यूट्यूबर सुनीता भट्ट का सार्वजनिक स्थान पर भिड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।बताया जा रहा है कि ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट के बीच सोशल मीडिया पर कई
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दोनों एक-दूसरे पर लगातार टिप्पणी कर रही थीं। यह विवाद बुधवार को सड़क तक पहुंच गया। हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित चौपाटी बाजार में दोनों के बीच पुलिसकर्मियों के सामने जमकर बहस और गाली-गलौज हुई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों यूट्यूबर एक-दूसरे से उलझते हुए बहस कर रही हैं।
विवाद बढ़ने पर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिस बीच-बचाव करने पहुंची तो पुलिस को भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। इसके बाद काठगोदाम पुलिस ने शांति भंग की कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया और चालान कर दिया।

पुलिसकर्मियों ने ज्योति अधिकारी के दोनों हाथ पकड़कर उन्हें झगड़े से अलग किया।
शिकायत दर्ज कराने हल्द्वानी कोतवाली पहुंची
बताया जा रहा है कि बुधवार को ज्योति अधिकारी अपने परिवार के साथ सुनीता भट्ट की शिकायत दर्ज कराने हल्द्वानी कोतवाली पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही हैं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं।
इसी बीच ज्योति अधिकारी को सूचना मिली कि सुनीता भट्ट काठगोदाम के चौपाटी बाजार में मौजूद हैं। इसके बाद वह सीधे वहां पहुंच गईं और दोनों के बीच फिर बहस शुरू हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों के बीच गाली-गलौज और बहस तेज हो चुकी थी।
पुलिस ने दोनों को समझाने की कोशिश की, मगर विवाद बढ़ता रहा। इस दौरान ज्योति अधिकारी पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगा है।

बीच बाजार आमने-सामने आई ज्योति अधिकारी और सुनीता।
चौपाटी बाजार में हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी की यूट्यूब ब्लॉगर ज्योति अधिकारी और यूट्यूबर सुनीता भट्ट के बीच पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर विवाद चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ वीडियो बनाकर आरोप-प्रत्यारोप कर रही थीं।
बुधवार शाम काठगोदाम क्षेत्र के चौपाटी बाजार में दोनों का आमना-सामना हो गया। इसके बाद बीच बाजार में कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में गाली-गलौज में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान दोनों ने एक-दूसरे और उनके परिवारों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
सड़क पर अचानक हुए इस विवाद को देखने के लिए आसपास के लोग रुकने लगे और मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ज्योति अधिकारी और सुनीता भट्ट बीच सड़क पर लड़ते हुए।
पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
माहौल बिगड़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बहस जारी रही। इस दौरान हाथापाई की स्थिति बन गई और पुलिस को भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस दोनों महिला यूट्यूबर्स को अपने साथ काठगोदाम थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों के खिलाफ शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया गया और चालान किया गया।
शिकायत दर्ज कराने कोतवाली पहुंची थीं ज्योति
बताया जा रहा है कि बुधवार को ज्योति अधिकारी अपने परिवार के साथ सुनीता भट्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने हल्द्वानी कोतवाली पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनीता इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही हैं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं।
इसी बीच ज्योति अधिकारी को सूचना मिली कि सुनीता भट्ट काठगोदाम के चौपाटी बाजार में मौजूद हैं। इसके बाद वह सीधे वहां पहुंच गईं और दोनों के बीच फिर बहस शुरू हो गई।
दरांती लहराने और बयान के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
ज्योति अधिकारी इससे पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। 7 जनवरी 2026 को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह हाथ में दरांती लहराते हुए नजर आई थीं।
आरोप था कि उन्होंने इस वीडियो में कुमाऊं के लोक देवताओं और पहाड़ की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके बाद 8 जनवरी 2026 को हल्द्वानी के मुखानी थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसी रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में प्रदर्शन के दौरान दिसंबर 2025 में ज्योति ने दरांती लहराई थी।
5 दिन बाद मिली जमानत
गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेशी हुई और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। हालांकि बाद में हल्द्वानी की एसीजेएम कोर्ट सेकेंड ने सुनवाई के बाद उन्हें करीब 5 दिन बाद जमानत दे दी थी।
इस मामले में उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे।
हाईकोर्ट से भी मिली राहत
बाद में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उनसे जुड़े अन्य मामलों में राहत देते हुए पांच मुकदमों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अदालत ने उन्हें सोशल मीडिया से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने और भविष्य में सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए थे।
जेल से रिहा होने के बाद ज्योति अधिकारी ने संकेत दिए थे कि वह भविष्य में राजनीति में कदम रख सकती हैं। उन्होंने उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) में शामिल होने की संभावना भी जताई थी, हालांकि अभी तक उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता नहीं ली है।


