इबादत के साथ गूंजा भाईचारे का पैगाम, मना जश्न
फोटो- अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी हल्द्वानी, संवाददाता। शहर में ईद-उल-फितर का पर्व
हल्द्वानी, संवाददाता। शहर में ईद-उल-फितर का पर्व पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा। जामा मस्जिद, ख्वाजा मस्जिद, नमरा मस्जिद, गफ्फारी मस्जिद, आस्ताना मस्जिद, बड़ी मस्जिद, नूरी मस्जिद और अक्सा मस्जिद सहित विभिन्न स्थानों पर ईद की नमाज पूरी अनुशासन और श्रद्धा के साथ अदा की गई। मंगलपड़ाव ईदगाह और मीरा मार्ग ईदगाह में भी सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी। वनभूलपुरा क्षेत्र, रंग-बिरंगी झालरों से सजा नजर आया।
बाजारों में भी रौनक देखने को मिली, जहां मिठाइयों, पकवानों, सेवईयों और बिरयानी की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे शहर में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह नजर आया। जामा मस्जिद में शहर काजी मुफ्ती मोहम्मद आजम कादरी ने अपने खिताब में कहा कि रमजान का महीना हमें सब्र, तकवा और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने अपील की कि लोग रमजान के बाद भी नमाज की पाबंदी करें, जरूरतमंदों की मदद करें और समाज में अच्छाइयों को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम अमन, मोहब्बत और भाईचारे का धर्म है, जिसे हमें अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश भी वनभूलपुरा पहुंचे और स्थानीय लोगों से गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दी।प्रशासन मुस्तैद रहात्योहार को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए, जिससे नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हालांकि, एक ओर जहां लोग त्योहार पर अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए आवागमन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्री के कार्यक्रम के चलते शहर की परिवहन व्यवस्था पर कुछ दबाव भी देखने को मिला। बहरहाल पर्व शांति, सौहार्द और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।


