अंकित सिंह, माई सिटी रिपोर्टर Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 13 Feb 2026 08:42 AM IST
देहरादून में तिब्बती मार्केट के सामने कारोबारी और टेनिस प्लेयर अर्जुन की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया। एसएसपी अजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बलिदानी कोटे से परिवार को मिली गैस एजेंसी के लोन को लेकर विवाद चल रहा था।
अर्जुन हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इस वारदात की साजिश करीब 25 दिन पहले से रची जा रही थी। मां बीना शर्मा उसके साथी विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने मिलकर जनवरी में ही अर्जुन की हत्या की साजिश रच ली थी। इसके बाद भाड़े के शूटरों की तलाश शुरू हुई थी जो विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज पर आकर रुकी।
जांच में पता चला कि पंकज राणा ने 12 लाख रुपये में सुपारी ली और इस वारदात को अंजाम देने के लिए पंकज ने अपने भाई राजीव उर्फ राजू को भी साथ ले लिया। राजीव ने 1997 में अपने सौतेले बाप की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल भी जा चुका था। चार-पांच साल जेल में रहने के बाद बाहर आ गया था।
पुलिस जांच में पता चला है कि अर्जुन की मां बीना ने शातिर की तरह उसकी रेकी की थी। उसने अमरदीप गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की दिनचर्या, उसके आने-जाने के समय और ठिकानों की जानकारी जुटाई थी। दरअसल, अपनी मां से हुए विवाद के चलते अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था।
इस कारण मां को उसकी गतिविधियों की ज्यादा जानकारी नहीं थी। कई दिनों तक चली तैयारी पुख्ता करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया है कि घटना से पूर्व और घटना के बाद आरोपी पंकज राणा ने विनोद उनियाल से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया था।
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