हल्द्वानी। प्रदेश में कक्षा 1 से 12वीं तक के राजकीय विद्यालयों के पुस्तकालयों में बच्चों की कहानियों के अलावा श्रीमद्भागवत गीता, गढ़वाली रामायण, उपन्यास, सौर मंडल की दुनिया, समाज सुधारक जैसी किताबें भी रखी जाएंगी। इनमें कक्षाओं के अनुसार अलग-अलग पुस्तकें होंगी। राज्य परियोजना निदेशक दीप्ति सिंह ने जिला शिक्षाधिकारियों से इन पुस्तकों को क्रय करने के लिए कहा है। पुस्तक खरीद के लिए प्राथमिक स्कूलों में पांच हजार, उच्च प्राथमिक के लिए 13 हजार, माध्यमिक के लिए 15 हजार और उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय के लिए 20 हजार राशि दी जा रही है।
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किस कक्षा के लिए काैन सी किताबें
एक से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए उत्तराखंड का पारंपरिक बाल साहित्य, कहानियों की झप्पी, उत्तराखंड के पारंपरिक बाल मनोरंजन और खेल, सौ बाल उपयोगी लोक कथाएं, नैतिक शिक्षा जैसी किताबें शामिल हैं। कक्षा छह से नाै तक के बच्चों के लिए विज्ञान की रोचक बातें और नौ से 12 कक्षा के बच्चों के लिए उत्तराखंड का सामाजिक इतिहास, फुटपाथ का आदमी, उत्तराखंड का इतिहास, लोकगीत एवं लोककथाएं, शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन, एलियन से दोस्ती, गढ़वाली रामायण, गढ़वाली श्रीमद्भागवत गीता, शैलेश मटियानी के चुने हुए उपन्यास, सौर मंडल की दुनिया, भारत के महान समाज सुधारक और उनका प्रेरणादायक जीवन आदि किताबें शामिल हैं।
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– बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकें खरीदी जानी हैं। माध्यमिक स्कूलों में किताबें खरीदने के लिए बजट मिल चुका है लेकिन बेसिक के लिए अभी धनराशि नहीं मिली है। जल्द ही यह धनराशि भी मिल जाएगी। – पुष्कर लाल टम्टा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक।

