एक ने ज्वाइंन नहीं किया दूसरे को ज्वाइंनिग लेटर का इंतजार
हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति में देरी हो रही है। 13 मार्च को इंटरव्यू के बाद भी नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है, जिससे गंभीर हृदय रोगियों को निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। प्रशासन ने जल्द से जल्द जॉइनिंग लेटर जारी करने का अनुरोध भेजा है।

हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. सुशीला तिवारी (एसटीएच) में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) की नियुक्ति का मामला फिर से फाइलों में उलझ गया है। 13 मार्च को हुए इंटरव्यू के 10 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक चयनित डॉक्टर का नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) जारी नहीं हो सका है। इसके चलते करोड़ों की लागत से बनी कैथलैब धूल फांक रही है और गंभीर हृदय रोगियों को मजबूरी में निजी अस्पतालों या बाहरी केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पिछले साल एक कार्डियोलॉजिस्ट का चयन हुआ था, लेकिन उन्होंने जॉइन करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद 13 मार्च को दोबारा इंटरव्यू आयोजित किए गए, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की वीसी और चिकित्सा शिक्षा निदेशक भी शामिल हुए थे। साक्षात्कार में एक उम्मीदवार ने एसटीएच जॉइन करने की सहमति दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों या प्रशासनिक ढिलाई के चलते उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिल सका है।मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल ने बताया कि 13 मार्च को कार्डियोलॉजिस्ट का इंटरव्यू संपन्न हो चुका है। कॉलेज प्रशासन की ओर से शासन और निदेशालय को जल्द से जल्द जॉइनिंग लेटर जारी करने का अनुरोध भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि निदेशालय स्तर से जल्द ही आदेश जारी हो जाएगा, जिससे कैथलैब का संचालन शुरू किया जा सके।



