उत्तराखंड में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है, जिससे विभिन्न विभागों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। हल्द्वानी के तिकोनिया स्थित लोक निर्माण विभाग परिसर में इंजीनियरों ने धरना-प्र
.
महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से शासन स्तर पर संवाद और अनुरोध के बावजूद मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे इंजीनियरों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी 90 दिनों तक आंदोलन किया गया था और आश्वासन मिले थे, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
3500 से ज्यादा डिप्लोमा इंजीनियर हड़ताल पर
प्रदेशभर में करीब 3500 से ज्यादा डिप्लोमा इंजीनियर हड़ताल पर हैं। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक अप्रैल से बिजली, पानी समेत आवश्यक सेवाओं को भी प्रभावित किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर कर 4600 ग्रेड पे लागू करना, 10, 16 और 26 वर्ष पर तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित करना, 2014 के बाद नियुक्त जेई को एसीपी पर पूर्ववत ग्रेड पे देना, सहायक अभियंता से ऊपर समानांतर पदोन्नति व्यवस्था बनाना और पुरानी पेंशन योजना बहाल करना शामिल है।

