रेस्टोरेंट संचालक के भाई की ई रिक्शा की टक्कर से मौत
हल्द्वानी के ऊंचापुल चौफुला क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की टक्कर से घायल हुए 49 वर्षीय भूपाल सिंह की रविवार को मौत हो गई। भूपाल सिंह को सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उनका निधन हुआ। परिवार ने पुलिस को तहरीर दी है और घटना की जांच जारी है।

हल्द्वानी। ऊंचापुल चौफुला क्षेत्र में ई रिक्शा चालक की टक्कर से घायल हुए सेंचुरी पेपप मिल के कैमिकल विभाग में काम करने वाले 49 साल के भूपाल सिंह की रविवार को निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। बिठौरिया नंबर एक ऊंचापुल निवासी भूपाल सिंह बिष्ट शनिवार सुबह रोज की तरह सुबह छह बजे घर से टहलने निकले। इस दौरान पड़ोस में ही रहने वाले ई रिक्शा चालक ने अचानक तेजी से रिक्शा बैक कर दिया। टक्कर में वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। सिर के बल सड़क पर गिर गए। परिजनों ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
सिर में गंभीर चोट लग गई। छोटे भाई मनोज बिष्ट ने बताया कि भूपाल के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आने के कारण खून के थक्के जम गए और वे कोमा में चले गए। रविवार रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।मृतक के भाई के अनुसार मृतक भूपाल सिंह सेंचुरी पेपर मिल के कैमिकल विभाग में कार्य करते थे। एक साल पहले खराब स्वास्थ्य को देखते हुए रिजाइन कर दिया। इस दौरान वह घर में किराए की दुकानों को देखते थे घर में ही रहते थे। बताया परिवार में उनकी पत्नी तुलसी, बेटा गौतम एमबीपीजी कॉलेज से बीए एवं बेटी डिंपल बीएससी की पढ़ाई कर रही है। उन्होंने बताया की वह खुद रेस्टोरेंट का संचालन करते हैं। परिजनों ने बताया की मामले में उन्होंने पुलिस को तहरीर दे दी है। मुखानी थानाध्यक्ष सुशील जोशी ने बताया की मामले की जांच की जा रही है।जानलेवा साबित हो रहे बेलगाम ई-रिक्शाशहर की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगे हैं। नियमों को ताक पर रखकर दौड़ते इन वाहनों ने पिछले दो महीनों में दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। रफ़्तार का जुनून और चालकों की लापरवाही बुजुर्गों से लेकर मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों के लिए ‘काल’ बनकर आ रही है।ऊंचापुल चौफुला क्षेत्र में शनिवार को 49 वर्षीय भूपाल सिंह की मौत के मामले में परिजनों ने बताया की ई रिक्शा चालक ने तेज रफ्तार से रिक्शा बैक किया। इससे वह सड़क पर गिर गए। गंभीर रूप से घायल हो गए। दिमाग में खून के थक्के जमने से उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। ई-रिक्शा की बेलगाम रफ़्तार ने बीते फरवरी माह में एलआईयू में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर के पति नरेश चंद्र तिवारी की भी जान ले ली। नवाबी रोड चौराहे के पास सड़क पार कर रहे नरेश चंद्र को एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने न सिर्फ टक्कर मारी, बल्कि करीब पांच मीटर तक घसीटते हुए ले गया। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर तंग गलियों तक ई-रिक्शा चालकों की मनमानी चरम पर है। बिना ट्रेनिंग के नाबालिग और अप्रशिक्षित चालक सड़कों पर रिक्शा दौड़ा रहे हैं। अचानक मोड़ना, गलत दिशा में चलना और रफ़्तार पर नियंत्रण न होना इन हादसों की मुख्य वजह बन रहा है। प्रशासन की ढिलाई के चलते अब लोगों का सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।पार्षद ने भी उठाया सवालहल्द्वानी। क्षेत्र की पार्षद ममता जोशी ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। लोगों के चलने के लिए फुटपाथ नहीं है। यह गलत है। प्रशासन को अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।इनका कहना:जो भी ई रिक्शा चालक निमयों का उल्लंघन कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।जितेन्द्र सिंघवान,एआरटीओ


