नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम की मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। शहर में एलपीजी गैस की कमी को लेकर पार्षदों ने बैठक के बीच जोरदार विरोध जताया और खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई।
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पार्षदों का कहना था कि उनके वार्डों में गैस की भारी किल्लत है, जिससे आम लोग सुबह से शाम तक लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से जनप्रतिनिधियों पर जनता का दबाव बढ़ रहा है।
बैठक में पहुंचे खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों को भी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान माहौल काफी गरम रहा और पार्षदों ने जमकर हंगामा किया।
गैस किल्लत पर पार्षदों का आक्रोश
बैठक के दौरान पार्षदों ने साफ कहा कि शहर के कई इलाकों में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह चरमराई हुई है। लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो एजेंसियों ने सुधार किया और न ही विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मेयर की सख्त चेतावनी
हल्द्वानी के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने गैस एजेंसी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे खुद मौके पर जाकर एजेंसी में ताला लगवाने की कार्रवाई करेंगे।
183 करोड़ का बजट और 14 प्रस्ताव पास
हंगामे के बीच बोर्ड बैठक में कुल 14 प्रस्ताव पास किए गए। इसमें वर्ष 2026-27 के लिए 183 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया। साथ ही नई कार्यकारिणी का गठन और विभिन्न विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
शौचालय निर्माण और टैक्स में राहत
बैठक में शहर में सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तीन स्थानों पर शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पास किए गए। राजपुरा धोबीघाट में 56.89 लाख, कियाशाला-बिठौरिया क्षेत्र में 55.72 लाख और ब्लॉक ऑफिस हल्द्वानी में 50.73 लाख रुपए की लागत से निर्माण होगा।
इसके अलावा नव सम्मिलित क्षेत्रों के व्यवसायिक भवनों के संपत्ति कर पर 31 मार्च से पहले भुगतान करने वालों को 25% छूट देने का प्रस्ताव भी पास हुआ, वहीं नगर निगम की दुकानों के किराए में बढ़ोतरी पर भी विचार किया गया।

