हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज परिसर में मंगलवार सुबह उस वक्त हंगामा हो गया जब कुछ छात्र नेता अनुत्तीर्ण छात्रों को पास करने की मांग के लिए प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़ गए। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने उन्हें जबरन नीचे उतारा जिसके बाद शिक्षकों के समझाने पर मामला शांत हुआ। यह घटना बीएससी पांचवें सेमेस्टर में जूलॉजी सहित अन्य विषयों में नौ छात्रों के फेल होने के बाद हुई।
चार-पांच छात्र नेता फेल हुए नौ छात्रों को पास करने या विशेष बैक पेपर दिलवाने की मांग के लिए मंगलवार सुबह शिक्षकों के पास पहुंचे। शिक्षकों ने उन्हें समझाया कि इस प्रकरण का समाधान कॉलेज स्तर पर नहीं हो सकता। उन्होंने ज्ञापन देने के लिए कहा। इसी दौरान छात्रनेता मयंक गोस्वामी प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़ने लगा। उसे देखकर हर्ष और मेहुल शाह सहित छात्र नेता भी छत पर चढ़ गए। मौके पर पहुंची एलआईयू ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिक्षक लगातार छात्रनेताओं से नीचे उतरने का आग्रह करते रहे लेकिन वे नहीं माने। करीब 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पहले छात्रनेताओं से शांतिपूर्वक उतरने के लिए कहा। जब छात्रनेता नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें जबरन छत से उतारा। और उन्होंने छात्रों को समझाया कि फेल छात्रों को ऐसे पास नहीं कर सकते। यह प्रावधान नहीं है। बाद में छात्रों ने एक ज्ञापन सौंपा जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
यूं फेल छात्रों को पास नहीं कर सकते : प्राचार्य
इस दौरान किसी कार्यक्रम में गए प्राचार्य कॉलेज लौटे। उन्होंने छात्रनेताओं को स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार फेल छात्रों को सीधे पास नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। छात्रों की मांग पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें ज्ञापन देने की सलाह दी थी।
बीएससी पांचवें सेमेस्टर में जूलॉजी में कुछ छात्रों के फेल होने पर छात्रनेता पहुंचे थे। उन्हें सांकेतिक धरना करने की अनुमति दी लेकिन वह नहीं माने। उन्हें समझाया कि आरटीआई के माध्यम से कॉपी खुलवा लें लेकिन कॉपी दोबारा चेक होने का नियम नहीं है। हमने फेल छात्रों को बुलाने और उन्हें खोजा भी लेकिन उस दौरान कोई फेल छात्र मौजूद नहीं था। पुलिस के आने के बाद मामला शांत हुआ। – डॉ. कविता बिष्ट, प्राक्टर एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी

