नैनीताल। इस हनुमान जयंती पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटक नगरी नैनीताल में स्थापित हनुमान जी की जीवंत मूर्तियों के मूर्तिकार माखन शर्मा को याद किया जा रहा है। बरेली मूल के माखन ने अपने जीवन के लगभग छह दशक नैनीताल में बिताए और भक्तिभाव से दस से अधिक हनुमान मूर्तियों को आकार दिया।
इनमें हनुमानगढ़ में सीना चीरकर राम-सीता दिखाते हनुमान की मूर्ति प्रमुख है। नयना देवी मंदिर के प्रवेश द्वार के समीप की मूर्ति और पाषाण देवी मंदिर में झील से लगे साधु वेश में भजन करते हनुमान की मूर्ति भी उनकी ही देन है। बारापत्थर मंदिर में स्थित लगभग 18 फीट की विशाल हनुमान मूर्ति भी उन्होंने ही तराशी थी जो द्रोणांचल उठाए हुए हैं। माखन शर्मा बाबा नीब करौरी के अनन्य भक्त थे। उनके आवास में स्थित मंदिर की देखरेख करने वाले हरीश छावड़ा बताते हैं कि माखन कहते थे कि बाबा की प्रेरणा से ही उन्होंने हनुमानगढ़ की मूर्ति बनाई। वर्ष 2005 में उन्होंने अंतिम हनुमान मूर्ति बनाकर नश्वर संसार से विदा ली।

