बनभूलपुरा में प्रभावित लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने की कवायद तेज है. प्रशासन द्वारा क्षेत्र में कैंप लगाया गया.
![]()
बनभूलपुरा में पीएम आवास योजना कैंप
(
Photo-ETV Bharat
)

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 2, 2026 at 8:52 AM IST
हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे अतिक्रमण मामले को लेकर लगे विशेष कैंप अब खत्म हो चुका हैं, लेकिन हजारों परिवारों के लिए राहत और उम्मीद की राह अभी जारी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुए इस अभियान ने प्रभावित लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ने का काम किया, जिससे बेघर होने की आशंका के बीच उन्हें सहारा मिल सके. जो लोग किसी कारणवश अपने फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं, उनके लिए 2 और 4 अप्रैल को नगर निगम कार्यालय में विशेष व्यवस्था की गई है.
बनभूलपुरा का यह कैंप सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं था, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया, जो लंबे समय से अनिश्चितता और डर के माहौल में जी रहे थे. रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की निगरानी में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुरक्षित आवास का विकल्प देना. 20 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चले इस अभियान में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी.
बनभूलपुरा के 6 अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाए गए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके. इन कैंपों में नगर निगम, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौजूद रही, जो लोगों को न सिर्फ आवेदन प्रक्रिया समझा रही थी, बल्कि फॉर्म भरने में भी मदद कर रही थी. इस दौरान करीब 8000 लोगों को आवेदन फॉर्म वितरित किए गए, जिनमें से लगभग 6900 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन भी किया जा चुका है. यह आंकड़ा बताता है कि लोगों ने इस पहल पर भरोसा जताया और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाया.
हालांकि कैंप अब समाप्त हो चुका हैं, लेकिन प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो लोग किसी कारणवश अपने फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं, उनके लिए 2 और 4 अप्रैल को नगर निगम कार्यालय में विशेष व्यवस्था की गई है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इन आवेदनों पर कितनी जल्दी कार्रवाई होती है और प्रभावित परिवारों को कब तक उनका आशियाना मिल पाता है.
पढ़ें-हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा मामले पर सुनवाई, आरोपियों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत


