निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने को शिक्षा विभाग ने जारी की ई मेल आईडी
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ, शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और अन्य मनमानी को रोकने के लिए अभिभावकों के लिए एक ई-मेल आईडी जारी की है। अभिभावक इस ई-मेल पर अपनी शिकायतें भेज सकते हैं, और ब्लॉक स्तर पर भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है।

अभिभावक अब सीधे मुख्य शिक्षाधिकारी से कर सकेंगे शिकायत ब्लॉक स्तर पर बीईओ कार्यालय में भी दर्ज होगी शिकायतहल्द्वानी,वरिष्ठ संवाददाता। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि, कॉपी-किताबों और ड्रेस के नाम पर की जा रही मनमानी को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने नया कदम उठाया है। बुधवार को नैनीताल जिले के मुख्य शिक्षाधिकारी ने अभिभावकों की सुविधा के लिए ई मेल आईडी जारी की है जिस पर अभिभावक साक्ष्यों के साथ अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। मुख्य शिक्षाधिकारी गोविंद जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई भी निजी स्कूल नियम विरुद्ध फीस वसूलता है या किसी खास दुकान से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाता है तो अभिभावक सीधे ceonainital11@gmail.com पर ई-मेल भेज सकते हैं।
उन्होंने बताया की जो भी अभिभावक शिकायत दर्ज कराएंगे। उसकी निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। शिकायत करने वाले अभिभावकों का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले स्कूलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।ब्लॉक स्तर पर भी मिलेगी राहतई-मेल के अलावा, अभिभावक अपने संबंधित क्षेत्रों के खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में भी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सीईओ ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने ब्लॉक के स्कूलों पर कड़ी नजर रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर रिपोर्ट भेजे।एक शिकायत वह भी अधूरीहल्द्वानी। अभी तक जिले में निजी स्कूलों के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई है। वह भी सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें ना तो किसी स्कूल का जिक्र है ना ही पूरी जानकारी। उन्होंने बताया की जो भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करें। वह साक्ष्य के साथ शिकायत दर्ज कराएं।इन मुद्दों पर कर सकते हैं शिकायत:वार्षिक शुल्क (या पुन: प्रवेश शुल्क में अवैध बढ़ोतरी।किसी विशेष दुकान से ही स्टेशनरी या ड्रेस खरीदने की अनिवार्यता।मासिक के बजाय जबरन ‘तिमाही फीस’ जमा करने का दबाव।परिवहन शुल्क में मनमानी वृद्धि।इनका कहना:अभिभावकों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-मेल आईडी जारी की गई है। शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखी जाएगी और जांच के बाद स्कूलों पर जुर्माना या मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है।गोविंद जायसवाल,मुख्य शिक्षाधिकारी, नैनीताल


