जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । शहर के ऊंचापुल चौराहे पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके लिए प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने बहुमंजिला भवन के बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि इसे हटवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कई बार नोटिस दिया था।
प्रशासन के साथ ही लोक निर्माण विभाग व नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ दोपहर में ऊंचापुल चौराहे पर पहुंच गई थी। टीम के पहुंचते ही अतिक्रमकारियों में खलबली मच गई। जबकि मौके पर चार दो से तीन मंजिला भवन खड़े थे।इन भवनों का निर्माण 40 वर्ष से पहले का बताया जा रहा था। प्रथम तल पर दुकानें संचालित हो रही थीं और दूसरे तल पर लोग रहते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से नोटिस के बाद ऊपरी मंजिल को खाली कर लिया था।
टीम ने बुलडोजर से दुकानों के बाहर लगे पोस्टर से लेकर अन्य सामग्री हटा दी और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दुकानों पर ताला लगाया गया था। अब इन्हें भी तोड़ा गया और संबंधित दुकानदारों से सामान तत्काल हटाने को कहा गया। इन भवनों के ध्वस्तीकरण में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
- 03 हजार से अधिक वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं
- 30 मीटर से अधिक चौड़ा हो जाएगा चौराहा
- 01 वर्ष से चल रही है अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया
- 04 से अधिक बार नोटिस भेज चुका है लोक निर्माण विभाग
ऊंचापुल चौराहे का चौड़ीकरण की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। इसके लिए नोटिस भी दिए गए थे। अब ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे भवनों को ध्वस्त करने में समय लगेगा। इसके बाद चौराहे में जाम की समस्या से राहत मिल जाएगी। – एपी बाजपेयी, सिटी मजिस्ट्रेट
इन क्षेत्रों से गुजरते हैं वाहन
ऊंचापुल चौराहे से होते हुए हल्द्वानी से कालाढूंगी-रामगनगर जाने का रास्ता गुजरता है। इसके साथ ही एक रास्ता दमुवाढूंगा होकर निकलता है और दूसरा हिम्मतपुर मल्ला होते होते हुए कमलुवागांजा रोड पर मिल जाता है। चौड़ीकरण के बाद स्थानीय लोगों से लेकर राहगीरों को घंटों जाम से राहत मिल जाएगी।
मंदिर व आसपास के भवन भी हटेंगे पीछे
इसी चौराहे पर मंदिर भी है। प्रशासन के अनुसार इस मंदिर के साथ ही आसपास भवनों को भी पीछे हटाया जाएगा। इसके लिए भी प्रक्रिया चल रही है।

