Updated: Fri, 03 Apr 2026 08:00 AM (IST)
हल्द्वानी के निजी स्कूल सीबीएसई के डमी एडमिशन प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे हैं। कोचिंग सेंटरों की मिलीभगत से छात्र स्कूल जाए बिना ही प्रवेश ले रहे हैं, …और पढ़ें

हल्द्वानी के प्राइवेट स्कूलों को सीबीएसई के निर्देशों का भी नहीं है डर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संक्षेप में पढ़ें
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग और प्रशासन का डर पहले से ही नहीं था। वहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। डमी एडमिशनों को लेकर ऐसा ही देखने को मिल रहा है। बोर्ड इसे गैर कानूनी बताते हुए पिछले वर्ष प्रतिबंध लगा चुका है।
साथ ही मामले सामने आने पर मान्यता रद करने की चेतावनी भी जारी हो चुकी है। इसके बावजूद कुमाऊं के एजुकेशन हब हल्द्वानी में कुछ प्राइवेट स्कूल खुलेआम फर्जी तरीके से एडमिशन कर रहे हैं। इसमें नैनीताल रोड, गौलापार और लामाचौड़ क्षेत्र में संचालित तीन से चार विद्यालय शामिल हैं। नया सत्र प्रारंभ होने के साथ यह खेल शुरू हो गया है।
कोचिंग संस्थानों की मिलीभगत से खुलेआम खेल हो रहा है, लेकिन सिस्टम इस नजरें फेरे हुए है। इस गैर कानूनी गतिविधि के विरोध में पब्लिक स्कूल एसोसिएशन भी उतर चुका है। इस पर रोक लगाने की मांग हो रही है।
नीट और जेईई की तैयारी कराने वाले संस्थानों की बाढ़
हल्द्वानी में बीते कुछ समय के भीतर कोचिंग सेंटरों की बाढ़ आ गई है। अधिकांश मेडिकल की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कराने वाले संस्थान हैं।
डमी एडमिशन का खेल भी इन्हीं को लेकर ज्यादा हाेता है। डाक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले छात्र-छात्राओं को नवीं कक्षा से ही प्रवेश परीक्षा का सुझाव देकर कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाया जाता है। नौंवी कक्षा से इंटरमीडिएट तक बच्चे ऐसे ही पढ़ते हैं।
ये है डमी एडमिशन
- बच्चों का सिर्फ स्कूल में प्रवेश कराया जाता है और वह स्कूल में कक्षाएं पढ़ने नहीं जाते हैं। ये छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ रहे होते हैं। इसे ही डमी एडमिशन कहा जाता है।
- सीबीएसई के नियमों के अनुसार बोर्ड परीक्षा देने के लिए छात्र की 75 प्रतिशत उपस्थिति होने अनिवार्य है] लेकिन डमी एडमिशन का खेल करने वाले विद्यालय बच्चों के स्कूल आए बगैर ही उनकी उपस्थिति दर्ज करा देते हैं।
शिक्षा विभाग करे कार्रवाई, पीएसए है साथ: भगत
पब्लिक स्कूल एसोसिएशन हल्द्वानी के अध्यक्ष कैलाश भगत ने भी क्षेत्र में डमी एडमिशनों का खेल होने की शिकायतें मिलने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि यह गैर कानूनी होने के साथ ही बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ है।
अभिभावकों को भी इस तरह एडमिशन नहीं कराने चाहिए। साथ ही जो स्कूल ऐसा कर रहे हैं शिक्षा विभाग को उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पीएसए भी इसमें सहयोग करेगा। इसे लेकर संगठन जल्द अधिकारियों से भी मिलेगा।
बच्चों की बायोमेट्रिक उपस्थिति से आएगी पारदर्शिता
अभिभावक संघर्ष समिति के संयोजक मदन मोहन जोशी ने कहा कि डमी एडमिशनों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर सख्ती की जरूरत है। इसके लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। जिससे पंजीकृत बच्चों को उपस्थिति में पारदर्शिता आएगी और स्कूल फर्जीवाड़ा काफी हद तक रुक जाएगा। साथ ही कोचिंग सेंटरों के लिए भी नीति बनाई जानी चाहिए।
विद्या समीक्षा केंद्र पोर्टल के माध्यम से बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति का विवरण दिया जाना अनिवार्य हो गया है। यह सभी संस्थानों पर लागू है। अगर डमी एडमिशन करने वाले स्कूलों की शिकायत मिलती है तो उनकी मान्यता रद की जाएगी। – जीआर जायसवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी
यह भी पढ़ें- CBSE 10th Result 2026: सीबीएसई कक्षा दसवीं का रिजल्ट जल्द आने की उम्मीद, इन स्टेप्स से कर सकेंगे डाउनलोड
यह भी पढ़ें- CBSE Result 2026 Class 10: सीबीएसई मैट्रिक रिजल्ट की उल्टी गिनती शुरू, जल्द जारी होगा 10वीं कक्षा का परिणाम

