हल्द्वानी में युद्ध के तनाव और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण महंगाई बढ़ गई है। मशहूर ‘भूखनलाल का समोसा’ अब 12 रुपये का हो गया है। रेस्टोरेंट संचालकों ने डोसा, इडली और उत्तपम जैसे साउथ इंडियन व्यंजनों को मेन्यू से हटाना शुरू कर दिया है। महंगाई के चलते व्यंजनों की लागत 30-40% बढ़ गई है।

हल्द्वानी। खाड़ी देशों में युद्ध के तनाव और कमर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने शहर के जायके का बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई का असर इस कदर है कि हल्द्वानी का मशहूर ‘भूखनलाल का समोसा’ अब 10 के बजाय 12 रुपये का हो गया है, वहीं ईंधन की अत्यधिक खपत के चलते रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू से डोसा, इडली और उत्तपम जैसे लोकप्रिय साउथ इंडियन व्यंजनों को हटाना शुरू कर दिया है। सिंधी चौराहा स्थित हल्द्वानी के मशहूर भूखनलाल स्वीट्स के मालिक अनिल कुमार गुप्ता का कहना है कि कमर्शियल गैस न मिलने से हर वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं।
जिसके चलते समोसे के दाम भी दो रुपये बढ़ा दिए हैं। कुसुमखेड़ा स्थित अन्नपूर्णा चाइनीज फास्ट फूड के मालिक उत्कर्ष बोरा ने बताया कि डोसा, इडली और उत्तपम जैसे व्यंजनों में ज्यादा गैस की खपत होती है। जिस कारण फिलहाल साउथ इंडियन व्यंजनों को मेन्यू से हटा दिया हैं। वहीं सिंधी चौराहा स्थित हल्द्वानी के मशहूर मद्रासी डोसा के मालिक रामा चन्द्रा वसंत ने बताया कि उन्होंने भी मेन्यू से रवा डोसा, स्वीट डिश को हटा दिया हैं। कारोबारियों ने कहा कि डीजल, कोयला और इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लेकर वह लोगों की जैसे-तैसे डिमांड पूरी कर रहे हैं लेकिन इससे खर्च में 30 से 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हो गई है।चाईनीज और साउथ इंडियन डिश से बनाई दूरीहल्द्वानी में चाइनीज और साउथ इंडियन डिशेज की जबरदस्त डिमांड रहती है, खासकर बच्चों और युवाओं के बीच। किसी भी इवेंट या पार्टी की ये पहली पसंद होते हैं, लेकिन अब बाजार में मंदी और महंगाई के चलते व्यापारी इन आइटम से दूरी बना रहे हैं।


