कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, राज्य सरकार का पुतला दहन
शनिवार को बैलपड़ाव क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करते हुए पुतला दहन किया और सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। कांग्रेस ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव शामिल हैं।
बैलपड़ाव क्षेत्र में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जनसमस्याओं को लेकर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित कार्यक्रम के विरोध में सरकार का पुतला दहन कर क्षेत्र की अनदेखी पर नाराजगी जताई। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित के मुद्दों को लेकर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी के चलते विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ पुतला दहन किया गया।
उन्होंने आंदोलन के दौरान तीन प्रमुख मांगें उठाईं। पहली, ग्रामीण क्षेत्रों में लागू प्राधिकरण व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। दूसरी, सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित किया जाए। तीसरी, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार करते हुए सरकारी विद्यालयों की स्थिति मजबूत की जाए।नीरज तिवारी ने कहा कि सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि जनता अब अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आगे भी जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।


