देहरादून की तरह हल्द्वानी की मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा प्रतिबंध की तैयारी, जाम से मिलेगी राहत
Updated: Sun, 05 Apr 2026 11:55 AM (IST)
हल्द्वानी में देहरादून की तर्ज पर मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। परिवहन विभाग जाम और अव्यवस्था से निपटने के लिए यह …और पढ़ें

शहर में 4500 ई-रिक्शा, अंतिम निर्णय शासन का होगा। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संक्षेप में पढ़ें
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। जाम और सड़कों पर अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए परिवहन विभाग देहरादून की तर्ज पर हल्द्वानी में भी अहम मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा के संचालन को प्रतिबंधित करने की कोशिश में जुट चुका है।
प्रशासन को प्रस्ताव भेजने के बाद स्वीकृति मिलने पर कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सड़कों को चिन्हीकरण कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा।
ई-रिक्शा की संख्या 4500 के आसपास
हल्द्वानी में रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड और कालाढूंगी रोड पर 2800 आटो चलते हैं। जबकि ई-रिक्शा की संख्या 4500 के आसपास हैं। अधिकांश आटो निर्धारित अलग-अलग स्टैंड से चलते हैं। जिनमें किराये दर की सूची करना भी अनिवार्य है। लेकिन ई-रिक्शा में अक्सर इन नियमों का उल्लंघन देखने को मिलता है।
ऐसे में जाम की समस्या के साथ ही सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति भी पैदा हो जाती है। वहीं, कार्रवाई के नाम पर बीच-बीच में चलने वाले अभियानों का ज्यादा असर नजर नहीं आता। ऐसे में परिवहन विभाग अब नई कवायद में जुट चुका है।
विभाग का कहना है कि जाम से निपटने के लिए देहरादून में सात-आठ मार्गों पर सुबह नौ से रात आठ बजे तक ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित है। हल्द्वानी में भी ऐसा किया जाएगा। इसके लिए पहले जिला प्रशासन को पत्र भेज कमेटी नियुक्त करने की मांग होगी। फिर कमेटी के सर्वे से सड़कों का चयन होगा।
इन सड़कों पर प्रतिबंध की संभावना
कालाढूंगी रोड पर कालूसिद्ध् मंदिर से कुसुमखेड़ा के बीच, नैनीताल रोड पर सिंधी चौराहे से शीशमहल, रामपुर रोड पर एसटीएच से सरगम तक और बरेली रोड पर पुराने टेंपो स्टैंड को इसमें शामिल किया जा सकता है।
देहरादून में कुछ सड़कों पर ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित करने से लोगों को राहत भी मिली। यहां भी यह नियम लागू होने से दिक्कत दूर हो सकती है। इसके लिए जिला प्रशासन से पत्राचार करेंगे। – अरविंद पांडे, आरटीओ प्रवर्तन
पुलिस को एक महीने तक का अधिकार
परिवहन विभाग का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में जाम और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी किसी सड़कों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर सकती है। लेकिन अधिकतम एक माह तक। लंबे प्रतिबंध के लिए शासन की अनुमति जरूरी है। इसके लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली की नई स्लम नीति: झुग्गियों में बनेंगे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन

