देहरादून: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एम0 बी0 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्द्वानी के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें उत्तराखंड प्रांत के प्रांत संघचालक प्रोफेसर बहादुर सिंह बिष्ट, प्रांत प्रचारक डॉ0 शैलेंद्र, जिला संघचालक डॉ0 नीलंबर भट्ट ने सामूहिक रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
एकल गीत की प्रस्तुति के पश्चात मुख्य वक्ता उत्तराखंड प्रांत के प्रांत प्रचारक डॉक्टर शैलेंद्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में अनेक कार्यक्रम विजयादशमी से पूरे देश में प्रारंभ हुए और उत्तराखंड के कोने-कोने में भी शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम हुए और अभी भी हो रहे हैं। गृह संपर्क कार्यक्रम में संघ के लोग पूरे भारतवर्ष में 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंचे। हिंदू सम्मेलन उत्तराखंड में 5 लाख से भी अधिक लोग सम्मिलित हुए। डॉक्टर शैलेंद्र ने बताया कि संघ एक अतुलनीय संगठन है जिसे संघ में आकर ही समझा जा सकता है। संघ के कार्य को समाज सुधार के रूप में भी समझा जा सकता है। स्वतंत्रता के बाद अनेक संगठन समाज सुधार के लिए कार्य कर रहे थे, अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए कार्य किया।
राष्ट्र पुनर्जागरण के लिए महापुरुषों ने दी आहुति
प्रांत प्रचारक डॉक्टर शैलेंद्र ने सम्बोधित करते हुए बताया कि जब- जब भारत माता की गोद में राष्ट्र पुनर्जागरण की आवश्यकता हुई तब-तब कुछ महापुरुषों ने अपने जीवन की आहुति देकर समाज को एक नई दिशा दी, ऐसे ही एक महान विभूति परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी थे, जिनका जन्म केवल एक व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्र को पुनः जागृत करने की एक विचारधारा के रूप में हुआ था। उन्होंने बताया कि डॉ. हेडगेवार जी ने माँ भारती की सेवा को ही अपने जीवन का परम ध्येय बनाया। उन्होंने अनुभव किया कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक भारत पुनः अपने गौरव को प्राप्त नहीं कर सकेगा। इसी उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की—एक ऐसा संगठन जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जागृत कर राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित हो।
संघ की छठी पीढ़ी कर रही काम
प्रांत प्रचारक डॉक्टर शैलेंद्र ने बताया कि संघ का हमेशा सहयोग देश हमेशा सहयोग देश के नेतृत्व के साथ रहा है। वर्तमान में संघ की छठी पीढ़ी कार्य कर रही है 45000 से अधिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं जिसमें लाखों छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में पूरे देश में 88 हजार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दैनिक शाखाएं , 32 हजार साप्ताहिक मिलन तथा 13 हजार स्थानों पर मासिक मिलन चल रहे हैं।उन्होंने ने बताया कि संघ के आनुसांगिक संगठनों में आरोग्य भारती, सेवा भारती, एवं इसी तरह के अन्य संगठन देश – प्रदेश में पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने समाज के लिए अच्छे कार्य कर रहे संगठनों एवं लोगों से आह्वान किया कि संघ के शताब्दी वर्ष में सभी लोग एक दूसरे से मिलजुलकर सहयोग करके राष्ट्र को और सुदृढ़ बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण समर्पण देने का प्रयास करेंगे तो हम अवश्यमेव मां भारती को परम पर ले जा सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन जिला संपर्क प्रमुख डॉक्टर नंदन डसीला ने किया। कार्यक्रम में अनेक लोगों ने प्रान्त प्रचारक से समाज, संघ व राष्ट्र से सम्बंधित अनेक प्रश्न भी पूछें जिनका प्रान्त प्रचारक द्वारा जवाब दिया गया साथ ही अनेक लोगों ने समाज व राष्ट्र से सम्बंधित अपने सुझाव भी रखे।
कार्यक्रम का समापन सम्बोधन में जिला संघचालक डॉ0 नीलाम्बर भट्ट ने समाज के प्रमुख जन का आह्वान किया कि वह राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए संघ के साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं और यदि वह स्वतंत्र रूप से भी अच्छा कार्य करेंगे तो संघ के स्वयंसेवक उनका सहयोग करेंगे. उन्होंने सभी आगुन्तको का आभार व्यक्त करते हुए सभी से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। प्रमुख नागरिक जन गोष्ठी के अवसर पर प्रांत संघचालक डॉ0 बहादुर सिंह बिष्ट, जिला संघचालक डॉ0 नीलंबर भट्ट, सह विभाग प्रचारक डॉ0 नरेंद्र, सह प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ0 बृजेश बनकोटी, सह प्रान्त बौद्धिक प्रमुख राजेश जोशी, सह शारीरिक प्रमुख मनोहर, सह प्रान्त व्यवस्था प्रमुख भगवान सहाय, विभाग प्रचार प्रमुख उमेश शाह, सह विभाग संपर्क प्रमुख गोधन, जिला कार्यवाहक राहुल जोशी , सह जिला कार्यवाह राजकुमार, जिला प्रचारक जितेंद्र, जिला प्रचार प्रमुख एडवोकेट प्रदीप लोहनी, सह जिला प्रचार प्रमुख भूवन, सह जिला बौद्धिक प्रमुख कमलेश, सह नगर कार्यवाह तनुज, नगर प्रचार प्रमुख डॉ0 नवीन शर्मा, उपनगर कार्यवाह नितिन तथा डॉ. हरीश विष्ट, अनुज गुप्ता, धीरेन्द्र पांडे, हेमंत जोशी समेत सैकड़ों प्रबुद्धजन संगोष्ठी में उपस्थित रहे।


