मार्ग अनुरक्षण शुल्क बढ़ने से भड़के ठेकेदार
ठेकेदारों ने मांग पूरी न होने पर आठ अप्रैल से ढुलाई कार्य बंद करने की

हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। वन उपज ढुलाई वाहनों पर मार्ग अनुरक्षण शुल्क में बढ़ोतरी से ठेकेदारों में आक्रोश है। उन्होंने प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक, उत्तराखंड वन विकास निगम, पूर्वी हल्द्वानी को पत्र भेजकर शीघ्र समाधान नहीं करने पर 8 अप्रैल से ढुलाई कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। प्रार्थना पत्र में ठेकेदारों ने बताया कि पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार वन उपज ढुलाई वाहनों से 130 प्रति फेरा या 3000 रुपये मासिक शुल्क लिया जाता था। वन संरक्षक, पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी की ओर से जारी नए आदेशों में इन वाहनों का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। इसके चलते अब वाहनों से सामान्य व्यावसायिक वाहनों की तरह 410 रुपये प्रति फेरा शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि मासिक शुल्क की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।
ठेकेदारों का कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और कार्य प्रभावित हो रहा है। बताया कि इस संबंध में प्रबंध निदेशक, वन निगम, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी समेत अन्य अधिकारियों को पूर्व में भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की है कि पूर्व के आदेशों के अनुसार मार्ग अनुरक्षण शुल्क की व्यवस्था बहाल की जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 7 अप्रैल तक समस्या का समाधान नहीं होने पर 8 अप्रैल से ढुलाई कार्य बंद करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। इस मौके पर पूरन सिंह बिष्ट, भीष्म गांधी, प्रेमपाल, राहुल गांधी, निकिता बिष्ट, दीप जोशी, कविराज धामी, मोहन बजेठा, भुवन पनेरू, आशीष कुमार, संध्या गांधी, मीना बिष्ट, नवीन दानू मौजूद रहे।



