हल्द्वानी आरटीओ रिकॉर्ड में ‘कबाड़’ ऑटो सड़क पर दौड़ता मिला

Date:

हल्द्वानी आरटीओ रिकॉर्ड में ‘कबाड़’ ऑटो सड़क पर दौड़ता मिला

share

हल्द्वानी में आरटीओ की चेकिंग में एक ऑटो रिक्शा पकड़ा गया जो 31 दिसंबर 2024 को कबाड़ घोषित किया गया था। वाहन का पंजीकरण निरस्त था, फिर भी यह सड़क पर चल रहा था। इसे 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर सीज कर दिया गया। वाहन मालिक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

हल्द्वानी आरटीओ रिकॉर्ड में ‘कबाड़’ ऑटो सड़क पर दौड़ता मिला

हल्द्वानी। हल्द्वानी में आरटीओ की सघन चेकिंग के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। विभागीय रिकॉर्ड में 31 दिसंबर 2024 को कबाड़ घोषित कर पंजीकरण निरस्त किए जा चुके एक ऑटो रिक्शा को टीम ने सड़क पर सामान ढोते हुए पकड़ लिया। मामले में 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर वाहन को सीज कर दिया गया है। सोमवार को वाहन मालिक को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों की मनमानी के खिलाफ चलाए जा रहे आपके प्रिय समाचार पत्र हिन्दुस्तान के अभियान के तहत रविवार को एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र सिंगवान के नेतृत्व में टीम ने देवलचौड़ स्थित नीलियम कॉलोनी के पास चेकिंग अभियान चलाया।

इस दौरान सामान से लदे एक ऑटो रिक्शा संख्या यूके-04/टीए-4958 रोका गया। चालक विनय चंद्रा वाहन के कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद जब टीम ने वाहन का विवरण आरटीओ के ऑनलाइन पोर्टल पर जांचा तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। रिकॉर्ड के अनुसार यह वाहन 31 दिसंबर 2024 को कबाड़ घोषित कर दिया गया था और इसका पंजीकरण भी निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद वाहन सड़क पर चल रहा था और माल ढुलाई में इस्तेमाल हो रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया और 17 हजार रुपये का चालान किया। जांच में वाहन मालिक का नाम तल्ली हल्द्वानी निवासी आनंद सिंह बिष्ट सामने आया है। एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र सिंगवान ने बताया कि वाहन मालिक को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।——————–पूरे सिस्टम पर उठे बड़े सवाल- कबाड़ घोषित होने के बाद भी सड़क पर कैसे चल रहा था वाहन?- चेसिस नंबर जमा होने के बाद वाहन की निगरानी क्यों नहीं हुई?- क्या फर्जी कागजात के सहारे हो रहा था संचालन?- विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वाहनों का उपयोग अपराध या आतंकी गतिविधियों में भी हो सकता है। इसलिए इस तरह के मामलों की गहन जांच जरूरी है।————————–कबाड़ घोषित वाहन चलने पर क्या कहते हैं नियम- 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को फिटनेस फेल होने पर कबाड़ घोषित किया जा सकता है।- कबाड़ घोषित होने के बाद वाहन का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाता है।- वाहन का चेसिस और अन्य विवरण आरटीओ रिकॉर्ड में स्थायी रूप से दर्ज हो जाता है।- ऐसे वाहन का सड़क पर चलना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।- दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related