Android और iPhone यूजर्स के लिए चेतावनी, तेजी से फैल रहा है ZeroDayRAT, हैक हो सकता है फोन

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आप एंड्रॉयड यूजर हैं या आईफोन फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि ये नया मोबाइल स्पाईवेयर दोनों ही स्मार्टफोन्स के लिए खतरनाक है. साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने एक नए और खतरनाक मोबाइल स्पाइवेयर ZeroDayRAT के बारे में चेतावनी जारी की है.

यह स्पाइवेयर Android और iPhone दोनों यूजर्स को टारगेट कर रहा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कोई आम वायरस नहीं है, बल्कि एक पूरा कंट्रोल सिस्टम है, जिसकी मदद से हैकर फोन को दूर से कंट्रोल कर सकते हैं.

ZeroDayRAT को रेडीमेड टूलकिट की तरह बेचा जा रहा है. यानी अब हैकर को खुद टेक्निकल काम करने की जरूरत नहीं है. वह यह टूल खरीदकर सीधे किसी भी यूजर को फिशिंग लिंक भेज सकता है.

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जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है और हैकर को डिवाइस का एक्सेस मिल जाता है. इसे पूरी तरह से ऑटोमेट भी किया जा सकता है. यानी बिना ह्यूमन इंटरवेंशन के ये टारगेट डिवाइसेज पर अटैक कर सकता है. 

लोकेशन से लेकर सीक्रेट कॉन्वर्सेशन तक…

फोन में इंस्टॉल होने के बाद यह स्पाइवेयर कैमरा और माइक को ऑन कर सकता है. यूजर की लोकेशन ट्रैक कर सकता है. फोन पर आने वाले मैसेज और नोटिफिकेशन पढ़ सकता है. बैंकिंग और क्रिप्टो वॉलेट जैसे ऐप्स से जुड़ी जानकारी भी हैकर तक पहुंच सकती है. इस वजह से सिर्फ प्राइवेसी ही नहीं, यूजर का पैसा भी खतरे में पड़ सकता है.

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ZeroDayRAT की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान बना दिया गया है.

पहले ऐसे ताकतवर स्पाइवेयर सिर्फ सरकार या बड़ी एजेंसियों के पास होते थे. अब वही ताकत आम साइबर अपराधियों के हाथ में आ रही है. इससे आम मोबाइल यूजर्स सीधे खतरे में आ गए हैं.

यह स्पाइवेयर आमतौर पर फेक मैसेज, फिशिंग ईमेल और नकली ऐप लिंक के जरिए फैलाया जा रहा है. कई बार मैसेज ऐसा दिखता है जैसे वह बैंक, डिलीवरी कंपनी या किसी जानने वाले की तरफ से आया हो. इसी भरोसे में लोग लिंक पर क्लिक कर देते हैं और फोन संक्रमित हो जाता है.

एक बार ZeroDayRAT फोन में चला गया तो उसे पहचानना आसान नहीं होता. फोन स्लो हो सकता है. बैटरी तेजी से खत्म हो सकती है. डेटा यूज अचानक बढ़ सकता है. लेकिन आम यूजर इन संकेतों को अक्सर नजरअंदाज कर देता है.

स्पाईवेयर से कैसे बचें? 

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. सिर्फ ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें. फोन का सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट रखें. अगर फोन में अजीब हरकत दिखे तो तुरंत जांच कराएं.

  • इस तरह के स्पाइवेयर से बचने का सबसे जरूरी तरीका है कि यूजर किसी भी अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें.
  • अक्सर ऐसे मैसेज बैंक, कूरियर कंपनी या किसी जानने वाले के नाम से आते हैं, ताकि भरोसा बन सके.
  • किसी भी ऐप को सिर्फ ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करना चाहिए और फोन में अनजान सोर्स से ऐप इंस्टॉल करने का ऑप्शन बंद रखना चाहिए.
  • सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर आने वाले ऑफर्स और अलर्ट को बिना जांचे भरोसेमंद मानना भारी नुकसान करा सकता है.
  • फोन का सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा चालू रखना भी बहुत जरूरी है.

कंपनियां नए खतरों को देखते हुए समय समय पर सिक्योरिटी पैच जारी करती हैं. अगर फोन अचानक स्लो होने लगे, बैटरी जल्दी खत्म हो या डेटा यूज अचानक बढ़ जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे मामलों में फोन को स्कैन कराना या जरूरत पड़े तो फैक्ट्री रीसेट करना भी एक ऑप्शन हो सकता है.

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