सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से नशामुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली का शुभारंभ किया। इस दौड़ में हजारों की संख्या में युवाओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने शिरकत कर देवभूमि को ड्रग्
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रैली को हरी झंडी दिखाने से पहले जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ मात्र एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध उत्तराखंड के संकल्प की प्रतीक है। उन्होंने नशे को एक “साइलेंट वार” (मौन युद्ध) करार देते हुए कहा कि यह हमारी युवा शक्ति को निशाना बना रहा है।
मजाक-मजाक में शुरू हुआ नशा न केवल एक व्यक्ति का जीवन बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को उजाड़ देता है।
2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदमों की जानकारी देते हुए बताया
- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स: 2022 में गठित इस फोर्स ने अब तक हजारों ड्रग तस्करों को जेल भेजा है और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
- उपचार केंद्र (ATF): प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
- दगड़िया क्लब: युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ बनाए गए हैं, जो खेल और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रख रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून के भरोसे नहीं जीती जा सकती, इसके लिए सामाजिक जागरूकता अनिवार्य है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित हजारों युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, डॉ. स्वामी रामेश्वरम हरि जी, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मेयर जोगेंद्र रौतेला सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

