हल्द्वानी-नैनीताल। जिले भर में कुकिंग गैस सिलिंडरों की किल्लत अभी बनी हुई है। कई जगह सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके बाद भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। जो लोग सिलिंडर बुक करा चुके हैं उन्हें सिलिंडर नहीं मिल रहा है। इस सब के बीच जिला प्रशासन का दावा है कि प्रशासन की ओर से गठित त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि गैस की कालाबाजारी के मामले में अभी तक चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। क्यूआरटी जिले में 75 गैस एजेंसियों और 91 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छापे मार चुकी है। छापेमारी में 12 घरेलू, 28 व्यावसायिक और 22 छोटे सिलिंडर के साथ एक पिकप वाहन भी जब्त किया जा चुका है। बताया गया है कि बुधवार को क्यूआरटी ने 15 गैस एजेंसियों, 13 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 18 गैस डिलीवरी वाहनों का निरीक्षण किया।
6729 घरेलू और 1980 व्यवसायिक सिलिंडरों का स्टाॅक मौजूद
अपर जिलाधिकारी प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि 31 मार्च को जिले में 8391 घरेलू और 487 व्यावसायिक सिलिंडर प्राप्त हुए थे। इसी दिन 7648 उपभोक्ताओं को घरेलू और 587 उपभोक्ताओं को व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की गई। 31 मार्च तक जिले में 6729 घरेलू और 1980 व्यवसायिक सिलिंडरों का स्टाॅक था। बताया गया कि जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1077 और अन्य माध्यमों से कुल 53 शिकायतें प्राप्त की हैं, जिनका समाधान किया गया है। जिला प्रशासन राज्य और कुमाऊं मंडल स्तर में तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है।
गैस की कालाबाजारी और घरेलू गैस सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता से अपील की है कि अनियमितता की सूचना मिलने पर तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराएं ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
-ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी, नैनीताल

