नैनीताल। मंगोली व बजून क्षेत्र में शराब की दुकानों के विरोध में चल रहा ग्रामीण महिलाओं का आंदोलन आखिरकार रंग लाया है। प्रशासन ने नौवें दिन क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकानों को निरस्त कर दिया है। लिखित आश्वासन पर महिलाओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
शराब की दुकानों के विरोध में धरने के दौरान महिलाओं ने उग्र रुख अपनाते हुए रविवार को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। लगातार जनदबाव और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच कर संबंधित दुकानों को निरस्त करने का निर्णय लिया है। मौके पर पहुंचे आबकारी निरीक्षक नैनीताल देवेंद्र सिंह बिष्ट ने महिलाओं से लिखित रूप में कहा कि खुर्पाताल, मंगोली, बजून क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मदिरा की दुकान नहीं खोली जाएगी। स्थानीय जनता के विरोध को देखते हुए संबंधित दुकानों को निरस्त करने के साथ अन्यत्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए यह कार्रवाई की गई है।

