कुमाऊं के फार्मासिस्टों ने बकाया भत्ते के लिए खोला मोर्चा
कुमाऊं मंडल के फार्मासिस्ट चारधाम यात्रा ड्यूटी के बकाया भत्ते और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। 20 लाख रुपये का यात्रा भत्ता लंबित है और भोजन व आवास की स्थिति खराब है। पहले चरण में 15 से 25 अप्रैल तक काला फीता बांधकर विरोध किया जाएगा।

मोहन भट्ट हल्द्वानी। चारधाम यात्रा ड्यूटी के बकाया भत्ते और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर कुमाऊं मंडल के फार्मासिस्ट बुधवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की कुमाऊं शाखा ने पूर्व में भेजे ज्ञापन पर 20 दिनों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर यह निर्णय लिया है।मंगलवार को हुई वर्चुअल बैठक में प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष पवन पांडेय ने कहा कि फार्मासिस्टों का लगभग 20 लाख रुपये का यात्रा भत्ता लंबित है। साथ ही यात्रा मार्ग पर भोजन और आवास की व्यवस्थाएं भी बदतर रहती हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन के पहले चरण में 15 से 25 अप्रैल तक फार्मासिस्ट कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। 26 अप्रैल से कार्यालयों के बाहर सांकेतिक धरना दिया जाएगा। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो चार मई से दो घंटे का कार्य बहिष्कार होगा और 15 मई से फार्मासिस्ट चारधाम यात्रा ड्यूटी का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। संगठन ने यह भी कहा कि जनता को होने वाली असुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होगा। बैठक में मंडलीय अध्यक्ष गजेन्द्र कुमार पाठक, मंडलीय सचिव प्रेम शंकर सिंह, मंडलीय कोषाध्यक्ष दिगंबर सिंह रावत, डीके जोशी, बीएन बेलवाल, भूपेंद्र सिंह, केएस अधिकारी, केवलानंद धौनी, विष्णुगिरी गोस्वामी, रजनीश जोशी, नंदन गोस्वामी, किशोर विश्वकर्मा, रोशनलाल, गिरीश जोशी, अनिल मेहरा, इन्द्र कुमार आर्या सहित कुमाऊं-मंडल के सभी जिलों के अध्यक्ष और जिला मंत्री शामिल हुए।


