जनगणना और शिक्षण कार्य एक साथ संभव नहीं, शिक्षकों का धरना
धरना-प्रदर्शन: शिक्षकों ने एक साथ दो-दो ड्यूटी का किया विरोध नगर आयुक्त के साथ बैठक

हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। जनगणना और शिक्षण दो कार्य एक साथ नहीं किए जा सकते। यह न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि 15-20 घंटे तक लगातार कार्य कराना व्यावहारिक भी नहीं है। इन्हीं मांगों को लेकर शनिवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नगर आयुक्त कार्यालय हल्द्वानी पर तीन घंटे तक धरना दिया। धरने का नेतृत्व संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जबतक उन्हें दो कार्य एक साथ कराए जाने का आदेश वापस नहीं लिया जाता तबतक वह आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं दिया गया तो दो कार्य में से किसी एक कार्य का बंद करने को मजबूर होंगे।
धरने के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से वार्ता की। नगर आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बात स्वीकार करते हुए माना कि दो कार्य एक साथ कराना संभव नहीं है। राष्ट्रीय कार्य की महत्ता को देखते हुए उन्होंने संशोधित आदेश मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल को भेज दिया है। आदेश में राष्ट्रीय कार्यक्रम की गंभीरता का उल्लेख करते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों को जनगणना कार्य में भेजने को निर्देशित किया गया है।धरना देने वालों में राजकीय शिक्षक संघ की मंडलीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति मजगईं, पूर्व मंडलीय उपाध्यक्ष कृष्णा बिष्ट, जिला संयुक्त मंत्री गिरीश कनपाल, पूर्व जिला मंत्री नमिता पाठक, पूर्व जिला अध्यक्ष चंपावत पान सिंह मेहता, हल्द्वानी ब्लॉक अध्यक्ष हरीश पाठक, ब्लॉक मंत्री गणेश जोशी, भुवन चंद्र पांडेय समेत सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य शामिल रहे।फोटो—



