मजदूर आंदोलन के समर्थन में आए संगठन
गुरुग्राम के मानेसर में ठेका मजदूरों की हड़ताल को उत्तराखंड के कई संगठनों का समर्थन मिल रहा है। मुख्य मांगों में वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान, गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई और न्यायिक जांच शामिल हैं। भाकपा माले ने भी सरकार के श्रम संहिताओं के दावों को बेनकाब किया है।

भूपेश कन्नौजिया हल्द्वानी, संवाददाता। गुरुग्राम के मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में ठेका मजदूरों की हड़ताल को उत्तराखंड से भी कई संगठन समर्थन दे रहे हैं। गुरुवार को केंद्रीय कमेटी इंकलाबी मजदूर केंद्र के पदाधिकारियों ने भोलानाथ गार्डन स्थित धर्मशाला में प्रेसवार्ता की।उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि और ओवरटाइम का डबल भुगतान उनकी मुख्य मांगें हैं। संगठन ने मजदूरों और संगठन के कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को रद्द करने, गिरफ्तार लोगों की बिना शर्त रिहाई, नौ अप्रैल की मानेसर घटना की न्यायिक जांच और घायल मजदूरों को मुआवजा देने की मांग की है। महासचिव रोहित रोहिला, सुरेंद्र सिंह रावत, साहब सिंह अध्यक्ष, डीए रावत, दीनानाथ शुक्ला आदि मौजूद रहे।‘न्यूनतम
वेतन 42 हजार हो’वहीं भाकपा माले ने बयान जारी कर कहा कि सरकार का श्रम संहिताओं को लेकर फैलाया गया दावा मजदूरों के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों से बेनकाब हो गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि 12 घंटे कार्यदिवस, कम वेतन और ठेका प्रणाली से मजदूरों में असंतोष बढ़ा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में प्रदर्शन तेज हुए हैं। पार्टी ने गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई, 12 घंटे कार्यदिवस समाप्त करने, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान और न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करने की मांग की। जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी संघर्षरत रहेगी।


