मलिक के खिलाफ दंगा भड़काने के सबूत नहीं दे पाई पुलिस
संतोष जोशी हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। वनभूलपुरा हिंसा में मुख्य आरोपी बनाए गए अब्दुल मलिक

संतोष जोशी हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। वनभूलपुरा हिंसा में मुख्य आरोपी बनाए गए अब्दुल मलिक के खिलाफ उच्च न्यायालय में पुलिस दंगा भड़काने के आरोप को साबित नहीं कर सकी। कोई ठोस सबूत पुलिस अदालत में पेश नहीं कर पाई। लिहाजा कोर्ट ने मलिक की जमानत अर्जी मंजूर कर दी। 782 दिनों के बाद मलिक को जमानत मिली है।अब्दुल मलिक के अधिवक्ता एडवोकेट विकास कुमार गुगलानी ने बताया कि 23 फरवरी को पुलिस ने नोएडा से वनभूलपुरा हिंसा में मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए अब्दुल मलिक को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भी तय समय पर दायर कर दी। अधिवक्ता के मुताबिक कोर्ट में पहले पुलिस ने बयान दिए कि दंगे के दौरान अब्दुल मलिक हल्द्वानी में था।
उसने साजिशन दंगा करवाया था। बाद में पुलिस बयानों से मुकरी और कहा कि हिंसा वाले दिन वह नोएडा में था। इसके अलावा चार मामलों में नामजद मलिक को दंगे का साजिशकर्ता पुलिस ने बताया था। जबकि अदालत में पुलिस मलिक की दंगे में साजिश के कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। ठोस साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए दो साल डेढ़ महीने बाद मलिक को न्यायालय ने जमानत दे दी।आठ फरवरी 2024 को भड़की थी वनभूलपुरा में हिंसाआठ फरवरी 2024 को हल्द्वानी स्थित वनभूलपुरा में अवैध मदरसे को ध्वस्त करने के दौरान हिंसक झड़पें हुईं। जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। भीड़ ने पत्थरबाजी, पेट्रोल बम फेंके और वनभूलपुरा थाने में आग लगा दी, जिससे व्यापक आगजनी और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कर्फ्यू लगा दिया और दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।122 में से अब तीन ही जेल मेंएसएचओ डीएस फर्त्याल ने बताया कि हिंसा मामले में कुल 122 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। जिसमें से पूर्व में 118 को जमानत मिल चुकी है। गुरुवार को मुख्य आरोपी बनाए गए अब्दुल मलिक को जमानत मिली है। अब 122 में से तीन आरोपी ही जेल में बंद हैं। उनकी जमानत अर्जी लगी है। पूर्व में भी आरोपी पुलिस के पुख्ता सबूत पेश न कर पाने के कारण जमानत पर बाहर आए थे।हम फैसले का अध्ययन करेंगे: एसएसपीएसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने कहा कि अब्दुल मलिक को दो साल बाद जमानत मिली है। वह एक न्यायिक प्रक्रिया है। लेकिन हम कोर्ट के जजमेंट का अध्ययन करेंगे और उसके बाद लीगल एक्शन लेंगे। पुलिस अपनी ओर से मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रखेगी। सलाह मशविरा के बाद इस मामले में आगे फैसला लिया जाएगा।


