हल्द्वानी के मोटाहल्दू स्थित मदरसन फैक्ट्री में दो दिनों से चल रहा कर्मचारियों का आंदोलन अब पुलिसिया जांच के घेरे में है। पुलिस की टेक्निकल जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस स्थानीय आंदोलन को नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर हिंसक बनाने की कोशिश
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व्हाट्सएप पर रची गई ‘हिंसा’ की स्क्रिप्ट एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आंदोलन के पीछे कुछ बाहरी तत्व सक्रिय थे। आंदोलन को व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से नोएडा और नेपाल से ऑपरेट किया जा रहा था।स्थानीय श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन को उग्र बनाने और हिंसा फैलाने के लिए बाहर से निर्देश दिए जा रहे थे। पुलिस ने ऐसे 8 से 10 संदिग्धों को चिन्हित किया है जो साजिश रचने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।आंदोलन को व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से नोएडा और नेपाल से ऑपरेट किया जा रहा था।स्थानीय श्रमिकों के शांतिपूर्ण आंदोलन को उग्र बनाने और हिंसा फैलाने के लिए बाहर से निर्देश दिए जा रहे थे।
14 में से 12 मांगें मानी गईं, फिर भी तनाव
एसएसपी नैनीताल डॉ मंजूनाथ टीसी ने बताया कि प्रबंधन और प्रशासन के बीच हुई वार्ता के बाद श्रमिकों की 14 में से 12 मांगें मान ली गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री के मूल श्रमिक किसी हिंसा में शामिल नहीं थे लेकिन भीड़ की आड़ में कुछ बाहरी तत्वों ने माहौल खराब करने का प्रयास किया। कंपनी के बाहर धरने पर बैठे श्रमिकों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं। पुलिस जांच में नोएडा और नेपाल लिंक सामने आया है। कुछ लोग व्हाट्सएप के जरिए इसे गुरुग्राम कांड जैसा रूप देना चाहते थे। 8 से 10 साजिशकर्ताओं को चिन्हित कर लिया गया है।
पुलिस 20 से 25 अज्ञात पर मुकदमा किया है दर्ज
पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हिंसा भड़काने के आरोप में 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।प्रदर्शन का समर्थन करने वाले कुछ बाहरी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई ।पुलिस की आईटी सेल उन व्हाट्सएप ग्रुप्स को खंगाल रही है, जिनसे भड़काऊ मैसेज भेजे जा रहे थे।पुलिस की सख्ती के कारण आंदोलनकारी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए और आंदोलन को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।

