हल्द्वानी – शहर में जनगणना ड्यूटी को लेकर नगर निगम परिसर इन दिनों हलचल का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी ड्यूटी बदलवाने या कटवाने की मांग लेकर पहुंच रहे हैं। खासकर बनभूलपुरा क्षेत्र में ड्यूटी लगाए जाने का विरोध खुलकर सामने आ रहा है। नगर निगम में एक महिला कर्मचारी ने अधिकारियों के सामने साफ शब्दों में कहा—“मैं बनभूलपुरा नहीं जाऊंगी, चाहो तो नौकरी से हटा दो।” इस बयान के बाद पूरे परिसर में चर्चा तेज हो गई। कई कर्मचारी दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों का हवाला देते हुए ड्यूटी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं कुछ कर्मियों ने स्पष्ट रूप से संवेदनशील इलाकों में जाने से इनकार कर दिया है। इसको लेकर सिफारिशों का दौर भी शुरू हो चुका है।
825 कर्मियों को बनाया गया प्रगणक –
जनगणना 2027 के तहत 25 अप्रैल से घर-घर सर्वे शुरू होना है। इसके लिए 825 कर्मचारियों को प्रगणक बनाया गया है, जिनमें शिक्षा, जल संस्थान, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। एक कर्मचारी को एक महीने में करीब 160 घरों का सर्वे करना होगा। कर्मचारियों का आरोप है कि हल्द्वानी में रहने वाले कर्मचारियों को शहर से बाहर ड्यूटी दी गई है, जबकि बाहरी क्षेत्रों के कर्मचारियों को शहर में लगाया गया है। इससे नाराजगी बढ़ रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ललित मोहन रयाल ने व्यवस्था में बदलाव के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों की ड्यूटी उनके कार्यक्षेत्र के अनुरूप लगाई जाए, ताकि विभागीय कार्यों के साथ जनगणना भी सुचारू रूप से हो सके। नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि जनगणना के लिए एक महीने तक कर्मचारियों को वार्ड और क्षेत्र में तैनात किया गया है। बड़ी संख्या में ड्यूटी बदलने और कटवाने के आवेदन मिल रहे हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है।



