हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा केस, मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को मिली जमानत, रिहाई के आदेश

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हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा केस, मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को मिली जमानत, रिहाई के आदेश

बनभूलपुरा हिंसा के आरोपी अब्दुल मलिक को नैनीताल हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.

ABDUL MALIK GRANTED BAIL

हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा केस

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : April 16, 2026 at 4:52 PM IST

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Updated : April 16, 2026 at 5:01 PM IST

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नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हल्द्वानी बनभूलपुरा कांड के साजिशकर्ता मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ इस मामले में दर्ज मुकदमों में उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं. आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ती आलोक कुमार वर्मा और न्यायमूर्ती आलोक महरा की खण्डपीठ में हुई.

पिछली तिथि को कोर्ट ने सरकार और आरोपी के अधिवक्ता से पूछा था कि इनके खिलाफ जो अन्य सात मुकदमें हैं उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? कितने केसों में बरी हो चुके और कितने विचाराधीन हैं? राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया कि जांच के दौरान इनके खिलाफ इन केसों के अलावा अन्य सात मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि हुई है. कई मामलों में ये बरी हो चुके हैं. कुछ का पता अभी नहीं चल सका है. मुकदमों की कोई पुष्टि न होने के कारण आज इस दंगे वाले मुकदमे से कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने को कहा है. दंगे में इनके खिलाफ चार मुकदमे दर्ज थे. एक मे उन्हें पहले जमानत मिल चुकी थी. तीन में में आज मिल गयी है.

मामले के अनुसार मलिक को राजकीय भूमि को खुर्द बुर्द करने के का आरोप होने के साथ साथ मामले में सरकारी काम में व्यवधान करने के आरोप हैं. मामले के अनुसार मलिक सहित अन्य के खिलाफ बनभूलपुरा दंगे के समय चार मुकदमे दर्ज हुए थे. जिसमें से एक मामला ये भी था कि मलिक ने कूटरचित , झूठे शपथपत्र के आधार पर राजकीय भूमि को हड़पने का कार्य किया.

यही नहीं उनके द्वारा नजूल भूमि पर कब्जा करके प्लॉटिंग, अवैध निर्माण करके उसे बेचा गया. राज्य सरकार की तरफ से उनकी जमानत प्रार्थनपत्र का विरोध करते हुए कहा कि बनभूलपुरा कांड की शुरुआत यही से हुई थी. जब प्रशासन इस अवैध अतिक्रमण को हटाने गया तो उनके ऊपर पथराव किया गया. बाद में इसने दंगा का रूप ले लिया. इसी दंगे में सरकारी, पुलिस व अन्य लोग घायल हो गए. कईयों की जान तक चली गयी.

दंगे से संबंधित मामलों में इनकी जमानत नहीं हुई है, इसलिए इनकी जमानत निरस्त की जाये. आरोपियों का कहना है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है. एफआईआर में उनका नाम नहीं है. पुलिस ने उन्हें जबरन इस मामले में फंसाया है. उन्हें जमानत पर रिहा किया जाये. दंगे में शामिल सौ से अधिक लोगो को जमानत पहले ही कोर्ट से मिल चुकी है.

पढे़ं- बनभूलपुरा कांड: आरोपी अब्दुल मलिक को सरकारी जमीन खुर्द-बुर्द मामले में मिली जमानत

Last Updated :

April 16, 2026 at 5:01 PM IST

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