बोले हल्द्वानी: शहर में सुरक्षित साइकिल ट्रैक बनाने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी और साइक्लिस्टों ने खोला मोर्चा

Date:

बोले हल्द्वानी: शहर में सुरक्षित साइकिल ट्रैक बनाने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी और साइक्लिस्टों ने खोला मोर्चा

share

हल्द्वानी में साइकिल प्रेमियों ने प्रशासन से सुरक्षित साइकिल ट्रैक बनाने की मांग की है। बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक के बीच साइकिल चलाना जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट के प्रचार और स्कूलों में साइकिलिंग प्रतियोगिताओं की भी मांग की, ताकि युवा फिटनेस के प्रति जागरूक हों।

बोले हल्द्वानी: शहर में सुरक्षित साइकिल ट्रैक बनाने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी और साइक्लिस्टों ने खोला मोर्चा

हल्द्वानी, दीक्षा बिष्ट लमगड़िया। शहर की सड़कों पर बढ़ते वाहनों के धुएं और तेज रफ्तार के खौफ ने साइकिल प्रेमियों के फिटनेस के जुनून पर ब्रेक लगा दिया है। रेड क्रॉस सोसाइटी के नेतृत्व में शहर के साइक्लिस्टों ने प्रशासन के सामने अपना दर्द बयां करते हुए साफ कहा है कि भारी वाहनों और जानलेवा ट्रैफिक के बीच साइकिल चलाना अब जान जोखिम में डालने जैसा है। साइकिल प्रेमियों का दर्द है कि फिट इंडिया मूवमेंट और साइकिलिंग इवेंट्स केवल औपचारिकताओं तक सिमट गए हैं। उन्होंने यूपी की तर्ज पर समर्पित ट्रैक, स्कूली स्तर पर प्रतियोगिताओं और आयोजनों के उचित प्रचार-प्रसार की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द सुरक्षित रास्ता नहीं दिया, तो फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम दम तोड़ देगी। युवाओं को नशे से दूर रखने और प्रदूषण मुक्त हल्द्वानी के लिए अब सुरक्षित साइकिल ट्रैक समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।शहर में बढ़ते यातायात के दबाव और साइकिल चालकों की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी ने प्रशासन से समर्पित साइकिल ट्रैक निर्माण की मांग की है। सोसाइटी के चेयरमैन नवनीत सिंह राणा के नेतृत्व में शुक्रवार को शहर के कई साइक्लिस्ट ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपाते हुए शहर के मुख्य मार्गों पर सुरक्षित साइकिल ट्रैक बनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हल्द्वानी की सड़कों पर साइकिल चालकों के लिए कोई अलग लेन या ट्रैक उपलब्ध नहीं है। भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात के बीच साइकिल चलाना जोखिम भरा साबित हो रहा है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सुरक्षित स्थान न होने के कारण लोग साइकिल के उपयोग से कतरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल न केवल पर्यावरण के अनुकूल और किफायती साधन है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि शहर में मानक के अनुरूप समर्पित साइकिल ट्रैक बनते हैं, तो इससे प्रदूषण में कमी आएगी और सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। रेड क्रॉस सोसाइटी ने प्रशासन से जनहित में इस प्रस्ताव पर जल्द कार्यवाही करने की अपील की है ताकि आमजन, विशेषकर युवाओं और फिटनेस प्रेमियों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिल सके। लोगों का कहना है कि उन्हें शहर में कम से कम 5 किमी का ट्रेक चाहिए जिसमें वे लोग आराम से साइकिल चला सके। उन्होंने कहा कि काठगोदाम नहर कवरिंग पर भी ट्रेक बनाया जा सकता है। यूपी की तर्ज पर साइकिल ट्रैक बनाने की मांगशहर की सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव और सुरक्षा के अभाव में साइकिल शौकीन अब घरों में कैद होने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों और साइकिल प्रेमियों ने प्रशासन से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों की तर्ज पर हल्द्वानी में भी समर्पित साइकिल ट्रैक बनाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि एक सुरक्षित ट्रैक होने से न केवल पर्यावरण बचेगा, बल्कि युवाओं में फिटनेस के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा। लोगों ने अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि वर्तमान में सड़कों पर साइकिल चलाना किसी जोखिम से कम नहीं है। भारी वाहनों, ई-रिक्शा और तेज रफ्तार कारों के बीच साइकिल चालकों को अपनी जान का डर सताता रहता है। कई लोगों का कहना है कि वे स्वास्थ्य के लिए साइकिल चलाना तो चाहते हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं के डर से बाहर नहीं निकलते। उन्हें डर रहता है कि गाड़ियों के बीच संतुलन बिगड़ने या टक्कर होने से कोई गंभीर चोट न लग जाए। लोगों का सुझाव है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मुख्य मार्गों के किनारे जिस तरह सुरक्षित और अलग साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं, उसी मॉडल को जिले में भी लागू किया जा सकता है। जहां पर साइक्लिस्ट बिना किसी डर के आवागमन कर सकें।साइकलिंग इवेंटस के प्रचार-प्रसार बढ़ाए जाएंशहर में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के प्रति खेल प्रेमियों ने नाराजगी जताई है। साइकिल प्रेमियों का कहना है कि शहर में इवेंट्स तो आयोजित किए जाते हैं, लेकिन उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में अधिकांश इच्छुक लोग इनमें शामिल होने से वंचित रह जाते हैं। साइकिलिंग के शौकीनों ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि अक्सर उन्हें कार्यक्रमों की जानकारी आयोजन के एक-दो दिन पहले या कार्यक्रम खत्म होने के बाद मिलती है। उनका कहना है कि साइकिलिंग इवेंट्स केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। सही तरह से सूचना न मिलने के कारण प्रतिभागियों की संख्या भी सीमित रह जाती है, जिससे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता पूरा नहीं हो पाता। स्थानीय साइक्लिस्टों ने मांग की है कि यदि भविष्य में शहर में कोई भी साइकिलिंग प्रतियोगिता या रैली आयोजित होती है, तो उसका प्रचार कम से कम 15 से 20 दिन पहले शुरू किया जाना चाहिए। इसके लिए सोशल मीडिया के साथ-साथ शहर के मुख्य चौराहों पर होर्डिंग्स और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना प्रसारित की जानी चाहिए। साइकिल प्रेमियों का मानना है कि यदि प्रशासन और खेल विभाग समय रहते जानकारी साझा करेंगे, तो न केवल प्रतिभागियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि हल्द्वानी को फिट सिटी बनाने का संकल्प भी सफल होगा।हल्द्वानी में भी करवाया जाए फिट इंडिया मूवमेंट केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान फिट इंडिया मूवमेंट को नैनीताल जिले में भी करवाए जाने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने वाले इस अभियान को जिले के हर नगर और ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाया जाना चाहिए। साइकिल प्रेमियों ने मांग की है कि जिले में नियमित अंतराल पर साइकिल रैली, योग शिविर और मैराथन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। खेल प्रेमियों के अनुसार, फिलहाल ये अभियान केवल देहरादून में करवाया गया है। जबकि नैनीतान जिले में हल्द्वानी में भी इसका आयोजन होना चाहिए। लोगों का मानना है कि जिले में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में मदद मिलेगी। स्कूली बच्चों में साइकिलिंग का क्रेज बढ़ाने की मांगसाइकिल प्रेमियों और अभिभावकों ने नई पीढ़ी को फिट रखने के लिए स्कूलों में साइकिलिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने की वकालत की है। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि इंटर-स्कूल साइकिल प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन किया जाए, तो इससे बच्चों का रुझान न केवल खेलों की तरफ बढ़ेगा, बल्कि वे शारीरिक रूप से भी अधिक सक्रिय रहेंगे। साइकिलिंग के शौकीनों का मानना है कि आज के दौर में बच्चे मोबाइल और गैजेट्स में अधिक समय बिता रहे हैं। ऐसे में साइकिलिंग एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग और खेल विभाग को मिलकर स्कूली स्तर पर साइकिलिंग स्पर्धाएं आयोजित करनी चाहिए। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होगी और वे साइकिलिंग को एक खेल व सुरक्षित परिवहन के रूप में अपनाएंगे।पांच शिकायतें जिले में कहीं भी नहीं है साइकिल ट्रेकसाइकिलिंग को प्रमोट करने के लिए नहीं लगते कैंप स्कूलों में नहीं होते आयोजन नैनीताल जिले में आजतक नहीं हुआ फिट इंडिया मूवमेंट साइकिलिंग इवेंट का नहीं होता सही से प्रचार प्रसार पांच सुझाव जिले में बनाए जाएं साइकलिंग ट्रेक साइकिलिंग को प्रमोट करने के लिए लगाए फ्री कैंपस्कूलों में होनी चाहिए साइकिल की इंटर स्कूल प्रतियोगितानैनीताल जिले में भी किया जाए फिट इंडिया मूवमेंट का आयोजन साइकिलिंग इवेंट का 15-20 दिन पहले से किया जाए प्रचार-प्रसार बोले लोगहल्द्वानी की सड़कों पर साइकिल चलाना फिलहाल जान जोखिम में डालने जैसा है। प्रशासन को कम से कम 5 किमी का समर्पित ट्रैक और काठगोदाम नहर कवरिंग का उपयोग करना चाहिए।विकास किरौलायूपी के नोएडा और लखनऊ की तर्ज पर यहां भी साइकिल लेन बननी चाहिए। जब तक गाड़ियों के शोर से अलग रास्ता नहीं मिलेगा, तब तक लोग डर के कारण नहीं निकलेंगे।एडवोकेट मनोज साहनी साइकिलिंग केवल व्यायाम नहीं, पर्यावरण बचाने का साधन है। प्रशासन को सुरक्षित ट्रैक देना चाहिए ताकि आम आदमी भी ऑफिस जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल बेझिझक कर सके।नवनीत सिंह राणा फिट इंडिया मूवमेंट को केवल देहरादून तक सीमित रखना गलत है। हल्द्वानी में इसका नियमित आयोजन हो और इंटर-स्कूल साइकिलिंग रेस कराकर बच्चों को मोबाइल से दूर किया जाए।जीवन पाठक महिला, बच्चें व बुजुर्ग साइक्लिस्टों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। भारी वाहनों के बीच साइकिल चलाना मुश्किल होता है। एक सुरक्षित ट्रैक हमें बिना किसी डर के फिटनेस पर ध्यान देने में मदद करेगा।संजय रावत शहर में होने वाले इवेंट्स की जानकारी एक दिन पहले मिलती है। अगर 15 दिन पहले प्रचार हो, तो हम ज्यादा लोगों को जोड़ पाएंगे और हल्द्वानी फिट सिटी बन सकेगा। इवेंट्स का प्रचार प्रसार सही तरीके से होना चाहिए। प्रशांत बिष्ट स्कूलों में साइकिलिंग को अनिवार्य खेल बनाना चाहिए। इंटर-स्कूल प्रतियोगिताएं होने से बच्चों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वे शारीरिक रूप से मजबूत बनेंगे। प्रशासन को इस पर गौर करना चाहिए।देवेंद्र कुमार हल्द्वानी में साइकिलिंग का बहुत क्रेज है, लेकिन सुविधा शून्य है। काठगोदाम मार्ग पर अगर अलग से ट्रैक मिल जाए, तो सुबह के समय सैकड़ों लोग साइकिलिंग से जुड़ेंगे।मनोज वर्मागाड़ियों का धुआं और जाम साइकिलिंग के आनंद को खत्म कर देता है। यूपी मॉडल अपनाकर मुख्य मार्गों के किनारे रेलिंग वाला ट्रैक बनाया जाए, जिससे एक्सीडेंट का डर न रहे।सुनील कनवालफिटनेस के प्रति सजग लोग सड़कों पर उतरने से डरते हैं क्योंकि भारी वाहन नियम नहीं मानते। समर्पित लेन ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। प्रशासन तुरंत कार्यवाही करे।दीपक दानी हल्द्वानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए साइकिल ट्रैक पहली जरूरत है। प्रशासन को मुख्य मार्गों के किनारे कम से कम 5 किमी का सुरक्षित कॉरिडोर विकसित करना ही चाहिए।राकेश पांडेफिट इंडिया मूवमेंट के तहत नैनीताल जिले में नियमित मैराथन और साइकिलिंग होनी चाहिए। देहरादून की तरह यहाँ भी बड़े आयोजन होंगे तो नशे के खिलाफ मुहिम को मजबूती मिलेगी।भूपेंद्र सिंह बिष्ट सड़कों पर तेज रफ्तार कारों के बीच साइकिल चलाना बहुत तनावपूर्ण होता है। दूसरे राज्यों व देशों की तर्ज पर अलग ट्रैक मिलने से हम बिना किसी दुर्घटना के भय के साइक्लिंग कर पाएंगे। विजय सिसोदिया शहर में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन को विजन दिखाना होगा। एक नियमित समय अगर हम साइक्लिस्ट को दिया जाए तो भी राहत मिलेगी। बाकि एक अलग ट्रेक की मांग तो प्राथमिकता से है। मनन आही बोले जिम्मेदारइस संबंध में एसएसपी से वार्ता की गई है। उनसे साइकिल चलाने के लिए उपयुक्त स्थान और समय का चयन करने के लिए कहा गया है। जैसे ही इसका चयन हो जाएगा। साइकिल प्रेमियों को इससे अवगत करा दिया जाएगा। ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related