हल्द्वानी में कांग्रेस के कई दावेदारों ने की ‘गणेश परिक्रमा’
बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। चुनावी आहट के साथ कांग्रेस में टिकट की हलचल

बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। चुनावी आहट के साथ कांग्रेस में टिकट की हलचल तेज हो गई है। सोमवार को स्वराज आश्रम में कई कार्यकर्ता और संभावित दावेदार प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की ‘परिक्रमा’ करते दिखे। इस दौरान पूर्व विधायक, एमबीबीएस डॉक्टर, कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर तक टिकट की दौड़ में नजर आए। हर दावेदार ने खुद को पार्टी का सबसे मजबूत विकल्प बताया।बीती नौ अप्रैल को हल्द्वानी पहुंचीं प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने ‘लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी’ का नारा देकर चुनावी अभियान की शुरुआत की थी। वहीं, उपार्जित अवकाश से लौटकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो दिन पूर्व हल्द्वानी के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर सियासी माहौल गरमा दिया है।
इसी क्रम में सोमवार को स्वराज आश्रम में प्रेस वार्ता के बाद प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल के कमरे में 100 से अधिक कार्यकर्ताओं से दोपहर एक बजे से शाम साढ़े तीन बजे तक वन टू वन मुलाकात की।बताया जा रहा है कि इस दौरान पूर्व विधायकों समेत बृज लाल अस्पताल के एमडी और आर्थोपेडिक सर्जन डा. अजय पाल ने पूर्व विधायक ललित फर्सवांण और सोमेश्वर के कई जनप्रतिनिधियों के साथ गोदियाल से मुलाकात की। चर्चा है कि डा. पाल सोमेश्वर से दावेदारी की तैयारी में हैं।वहीं, लालकुआं से पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, कालाढूंगी से पूर्व जिला पंचायत स दस्य नीरज तिवारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, संजय किरौला के अलावा भीमताल से डा. केदार पलड़िया, हल्द्वानी से ललित जोशी, खजान पांडे, हरीश मेहता, मीमांशा आर्या, नीमा भट्ट, मंजू पांडे, रत्ना श्रीवास्तव, जया कर्नाटक, मयंक भट्ट, जगमोहन बगड़वाल, जगमोहन चिलवाल, एनबी गुणवंत आदि भी गोदियाल से मिले। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने खुद को ‘खांटी कांग्रेसी’ बताते हुए वर्षों की संगठनात्मक निष्ठा और जमीनी पकड़ को अपनी ताकत बताया।हल्द्वानी में महिला आरक्षण पर आज धरनाजिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल के मुताबिक, 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को हल्द्वानी के अंबेडकर पार्क में कांग्रेस का धरना होगा। इसमें प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे।कांग्रेस की यह कवायद संकेत दे रही है कि पार्टी इस बार टिकट वितरण में जमीनी फीडबैक और संतुलन साधने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है, ताकि चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता बनी रहे।



