द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। केंद्रीय विद्यालय को इसी शैक्षिक सत्र से संचालित किए जाने की मांग के लिए केंद्रीय विद्यालय जन एकता मंच के बैनर तले चल रहा आंदोलन बुधवार को 12वें दिन आमरण अनशन में बदल गया। पहली बार एक महिला जनप्रतिनिधि पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख नंदिता भट्ट आमरण अनशन पर बैठ गई हैं। वहीं भुवन चंद्र लहरी और मोहन चंद्र जोशी क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं।
विगत 11 अप्रैल से शुरू हुए आंदोलन के पहले चरण में क्रमिक अनशन के 11 दिन बीत जाने के बावजूद शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचा। इससे आंदोलनकारियों और क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन को 21 अप्रैल तक का समय दिया गया था लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 22 अप्रैल से आमरण अनशन शुरू कर दिया गया है।
द्वाराहाट में दो वर्ष पूर्व केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ था लेकिन अब तक उसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन हस्तांतरण समेत अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में हीलाहवाली के चलते मामला लगातार अधर में लटका हुआ है जबकि इसी अवधि में कोटद्वार में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय का संचालन जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है।
आंदोलन के समर्थन में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष विनोद जोशी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कंचन साह, ललित भट्ट, बसंत साह, अशोक फुलारा, विमल साह और भवान सिंह अधिकारी सहित कई लोग मौजूद रहे।

