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Double respiratory crisis in Delhi: Pollution due to local reasons decreased, smoke from neighboring states increased rapidly.
By: Amar Ujala
Published: 23 October 2026
Photo / Illustration: Haldwani Times News Desk
<p>नोट: सभी आंकड़े आईआईटीएम के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) पर आधारित हैं।</p>
<p>दिल्ली में वायु प्रदूषण का असर रात में भी कम नहीं हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना रहा। रात 10 से 11 बजे के बीच पीएम-10 का स्तर 458 से 459 तक पहुंच गया, जबकि पीएम-2.5 का स्तर 132 से 133 दर्ज किया गया। अगले दिन भी प्रदूषण से राहत के संकेत नहीं मिले। 23 अक्तूबर को दोपहर के समय ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 22 अक्तूबर की रात नौ बजे पीएम 10 का स्तर 437 और पीएम 2.5 का स्तर 126 दर्ज किया गया था। इसके बाद रात 10 से 11 बजे के बीच दोनों प्रदूषकों के स्तर में बढ़ोतरी हुई। 23 अक्तूबर की रात एक बजे भी पीएम 10 का स्तर 411 और पीएम 2.5 का 127 दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि रात के समय भी हवा में प्रदूषणकारी कणों की मौजूदगी बनी रही। पीएम 10 में धूल जैसे कण शामिल होते हैं, जबकि पीएम 2.5 के बेहद महीन कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में रात में कण प्रदूषण और दिन में ओजोन का बढ़ा स्तर दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ाता है। दिन में सतही ओजोन का बढ़ता स्तर चिंता का विषय : 23 अक्तूबर को दोपहर में ओजोन का स्तर 209 से 210 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। सतही ओजोन का अधिक स्तर सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। इससे आंखों में जलन, खांसी और अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। यह प्रदूषक आमतौर पर वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली गैसों की सूर्य के प्रकाश में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं से बनता है। लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही : सिरसा दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अब जिला स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी और कार्रवाई की समयसीमा तय की जाएगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिल्ली जिलों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को प्रदूषण हॉटस्पॉट के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सिरसा ने कहा कि अगली बैठक में विभागों की कार्रवाई की समीक्षा होगी। सभी एजेंसियों को किए गए कार्य, लंबित मामलों और उन्हें पूरा करने की समयसीमा के साथ रिपोर्ट देनी होगी। मंत्री ने एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों और जमीनी निरीक्षण के आधार पर प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने को कहा। सड़क की धूल, वाहनों के उत्सर्जन, निर्माण कार्य, अवैध पार्किंग और कूड़ा जलाने जैसे स्रोतों का आकलन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। संवेदनशील स्थानों पर पीएम10 और पीएम2.5 की निगरानी भी की जाएगी। जाम, धूल और कूड़ा जलाने पर सख्ती ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों को दिल्ली की सीमाओं से आने वाले गैर-दिल्ली भारी वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने तथा व्यस्त समय में जाम रोकने के निर्देश दिए गए। अवैध पार्किंग पर कार्रवाई के साथ सड़कों पर पानी का छिड़काव, गड्ढों की मरम्मत और खुले मिट्टी वाले हिस्सों का उपचार प्राथमिकता में रहेगा। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और खुले में कूड़ा, प्लास्टिक, रबर व बायोमास जलाने पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया। ग्रेप-1 के प्रावधानों का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए। पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे पर आप सरकार को घेरा सिरसा ने पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए कहा कि दिल्लीवासियों का दम आज भी घुट रहा है और पराली की आग पर नियंत्रण में विफलता सरकार की नाकामी है। उन्होंने नागरिकों से पीयूसी प्रमाणपत्र रखने, कूड़ा नहीं जलाने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। प्रदूषण फैला रहीं 3 औद्योगिक इकाइयां सील दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बीच नगर निगम समेत संबंधित विभागों ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी कड़ी में एमसीडी के पश्चिमी क्षेत्र ने प्रदूषण फैलाने वाली तीन औद्योगिक इकाइयों को सील कर दिया। ब्रह्मपुरी और चंचल पार्क में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने के साथ मीटर भी जब्त किए गए। एमसीडी के पश्चिमी क्षेत्र ने राजस्व विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), बीएसईएस और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। अभियान के तहत वार्ड संख्या 110 (कुंवर सिंह नगर) और वार्ड संख्या 111 (बापरोला) में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान कुल सात इकाइयों की जांच की। इनमें छह औद्योगिक इकाइयां और एक गोदाम शामिल था। निरीक्षण में तीन औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण फैलाने से संबंधित उल्लंघन पाए गए। इसके बाद टीम ने मौके पर ही तीनों इकाइयों को सील कर दिया। साथ ही, बिजली आपूर्ति बंद कर उनके मीटर जब्त कर लिए गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर अंकुश लगाना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती करना है। दिवाली से पहले नेहरू प्लेस में रात के वक्त होगी सफाई दिवाली से पहले नेहरू प्लेस बाजार में सफाई व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। त्योहारी खरीदारी के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब रात के समय सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि दिन में ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार प्रभावित न हो। त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सामान की खरीदारी बढ़ने से दुकानों के बाहर गत्ते, पैकेजिंग और अन्य कचरा भी बढ़ रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, समय पर कूड़ा नहीं उठने से मुख्य सड़कों और दुकानों के आसपास गंदगी जमा हो जाती है। इससे ग्राहको को भी परेशानी होती है। ऑल नेहरू प्लेस डिप्लॉयमेंट एंड इंप्रूवमेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि दिवाली तक बाजार में भीड़ और बढ़ेगी। ऐसे में रात में सफाई और कूड़े का तत्काल उठाव जरूरी है, ताकि सुबह बाजार साफ-सुथरा मिले। दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ग्रेप-1 लागू होने के बावजूद दिल्ली के 42 निगरानी केंद्रों में से 32 पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंचना गंभीर स्थिति दर्शाता है। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराकर अपनी जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने वाहनों के धुएं, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़क की धूल पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जहरीली हवा का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और इससे फेफड़ों की बीमारियों, स्ट्रोक तथा अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ता है। लिहाजा सरकार प्रदूषण रोकने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए।</p>