धानाचूली (नैनीताल)। धारी तहसील में सिविल जज (जूनियर डिविजन) के नए न्यायालय के लिए देहरादून जेल के कैदी फर्नीचर तैयार कर रहे हैं। यह पहल कैदियों के कौशल विकास और पुनर्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। हाईकोर्ट चाहता है कि सरकारी संस्थानों के लिए फर्नीचर जेल के कैदियों से बनवाया जाए।
धारी में नए कोर्ट में लगने वाले फर्नीचर के लिए कैदी कुर्सियां, टेबल, बेंच सहित जरूरी सामान डिजाइन करने में जुटे हैं। यह काम जेल के अंदर चल रहे बढ़ईगिरी जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों का हिस्सा है। इससे कैदियों को काम के साथ उनमें हुनर विकसित होगा और रिहाई के बाद वह नई शुरुआत कर सकेंगे। धारी में सिविल जज के पद पर नियुक्ति अगले एक महीने में होने की उम्मीद है जिसके बाद न्यायालय पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।
कैदियों के पुनर्वास में सहायक
हाईकोर्ट की यह पहल कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगी। इससे उन्हें काम के साथ-साथ कौशल भी मिलेगा जिससे उनका पुनर्वास मजबूत होगा। धारी के एसडीएम अंशुल भट्ट ने कहा कि जेल के कैदियों से फर्नीचर बनवाने की हाईकोर्ट की पहल सराहनीय है। उम्मीद है कि जल्द यहां के लिए नियुक्ति होगी और न्यायालय में इसी वर्ष से रूटीन का काम शुरू हो जाएगा।

