भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी के तीन युवाओं ने एक पुरानी कार को आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलकर नया आयाम दिया है। यह कार एक बार चार्ज होने पर 270 किमी तक चल सकती है और पहाड़ी रास्तों पर भी चलने में सक्षम है। प्रोजेक्ट में 3.30 लाख रुपये का खर्च आया है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराया जा सकेगा।

भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। नवाचार और जुनून की मिसाल पेश करते हुए तीन युवाओं ने कबाड़ हो चुकी पुरानी कार को आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदलकर नया आयाम दिया है। यह कार एक बार चार्ज करने पर करीब 270 किमी की दूरी तय करती है। यही नहीं चार लोगों की बैठने क्षमता वाली कार पहाड़ी मार्गों की कसौटी पर भी खरी उतरी है। जवाहर नगर निवासी सैय्यद रिजवान पेशे से हार्डवेयर व्यवसायी हैं लेकिन उनमें कारों और उनमें इस्तेमाल होने वाली तकनीकी के प्रति खासा क्रेज है। इसी के चलते वह अक्सर कमुलवागांजा स्थित अपने भाई सैय्यद असलाम अली की वर्कशॉप में आते जाते रहते हैं।
ऐसे ही कबाड़ पड़ी एक पुरानी कार पर उन्होंने अपना प्रयोग शुरू किया, इस पुरानी गाड़ी को आधुनिक ईवी में बदलने और उसकी कार्यक्षमता को निखारने के लिए उन्होंने अपने दो और दोस्त मणि गंदन निवासी बंगलौर और गुड़गांव के रहने वाले अंकुर तियातिया को भी बुला लिया। रिजवान के नेतृत्व में करीब दो महीने चले इस मिशन में उन्हें कामयाबी मिली। कार के जरुरी पार्टस दिल्ली, नोएडा और बैंगलोर से मंगवाए गए कुछ पार्टस विदेश से भी मंगवाए गए। जिसके बाद कार पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर चलने लगी। गाड़ी को उन्नत लिथियम बैटरी सिस्टम में बदला गया, जिससे इसकी रेंज और पावर दोनों में वृद्धि हुई। रीवा कंपनी की पुरानी कार जो कबाड़ हो चुकी थी वह चार सीटर इलेक्ट्रिक कार अब एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 270 किलोमीटर तक चलने में सफल हुई।उनकी कार पावरफुल मोटर और बैटरी की वजह से ऊबड़-खाबड़ और चढ़ाई वाले रास्तों पर भी आसानी से चल सकती है। कम लागत में तैयार यह वाहन पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ईंधन खर्च में भी बड़ी राहत देता है। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3.30 लाख रुपये का खर्च आया। उनका कहना है कि कबाड़ पड़े ऐसी पुरानी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलकर प्रदूषण कम किया जा सकता है और लोगों को सस्ता विकल्प भी उपलब्ध कराया जा सकता है।पेट्रोल से आगे और बैटरी से पिछले टायर पर दौड़ने वाली कार में चल रहा कामहल्द्वानी। रिजवान बताते हैं कि वह अभी दूसरी कार पर काम कर रहें हैं जिसमें कार को पेट्रोल और बैटरी दोनों से चलाया जा सकेगा। अभी बाजार में हाई ब्रिड कारें हैं पर इंजन पर ही निर्भर हैं हलांकि निशान कंपनी इस पर काम कर रही है और एक कॉन्सेप्ट कार का मॉडल तैयार भी किया जा चुका है लेकिन उसके बाजार में आने में अभी वक्त है इसलिए वह भी अपने दोस्तों के साथ इस पर काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि उनकी कार फोर व्हील ड्राइव होगी जिसमें आगे के पहिए पेट्रोल से और पिछले पहिए बैटरी से संचालित होंगे। यानी एक वक्त पर कार को आप अपनी मर्जी से स्विच कर पेट्रोल और बैटरी पर चला पाएंगे। साथ ही जब वाहन पेट्रोल से चल रहा होगा तो कार में लगी बैटरी भी चार्ज होती रहेगी।वह बाताते हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय इनोवेशन ग्रुप रीवा जी-विज़ कार क्लब से तकनीकी मदद मिल रही है जिसमें यूएस और यूके के तमाम ऑटो मोबाइल इंजीनियर शामिल हैं। इस नेटवर्क के माध्यम से उन्हें अमेरिका और ब्रिटेन के विशेषज्ञों से तकनीकी सुझाव और कुछ आवश्यक स्पेयर पार्ट्स प्राप्त हुए, जिससे इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने में मदद मिल रही है।


