काठगोदाम स्थित कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (केमू) ने अपनी 87वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में संस्था के अधिकारी, वाहन स्वामी और कर्मचारी शामिल हुए। केमू की स्थापना 14 अप्रैल 1939 को हुई थी और यह कुमाऊं क्षेत्र में निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहा है।
बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित कुमाऊं मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (केमू) ने मंगलवार को अपनी 87वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई। इस अवसर पर संस्था ने जनहित में अपनी परिवहन सेवाओं को और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी, वाहन स्वामी, कर्मचारी, चालक व परिचालक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। केक काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसके बाद वक्ताओं ने संस्था की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। केमू के लेखाकार चरन मनराल ने स्वरचित कुमाउनी कविता ‘त्यर केमू, म्यर केमू, य छ हमर केमू’ की प्रस्तुति कर आयोजन को भावनात्मक बना दिया।केमू के अधिशाषी अधिकारी (ईओ) हिम्मत सिंह नयाल ने बताया कि संस्था की स्थापना 14 अप्रैल 1939 को स्वर्गीय गोविन्द वल्लभ पंत के प्रयासों से हुई थी।
मैं तुम्हारी केमू..आज 88 बरस कि हो गई हूं.
प्रारंभ में नौ कंपनियों की बसें इसके प्रबंधन में संचालित थीं। तब से अब तक यह संस्था पूरे कुमाऊं क्षेत्र में निरंतर परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही है। अध्यक्ष सुरेश सिंह डसीला ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह संस्था पहाड़ की पहचान है। इस मौके पर हल्द्वानी स्टेशन अधीक्षक बृजेश तिवारी, स्टेशन इंचार्ज रवि सनवाल, मोहम्मद अहमद, हेमंत शाह, बहादुर सिंह बिष्ट, कविंद्र ढैला, सुनील आर्या, विक्रम नगरकोटी आदि मौजूद रहे।
गोलू देवता मंदिर में लगाया भंडारा

