उत्तराखंड में डबल पेंशन घोटाले की जांच अंतिम चरण में है। 1377 संदिग्ध लाभार्थियों से शपथ पत्र मांगे गए थे, जिनमें से 334 लोगों ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अंतिम रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी।

बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी। उत्तराखंड में सामने आए डबल पेंशन घोटाले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश में संदिग्ध पाए गए 1377 लाभार्थियों से अपना पक्ष रखने के लिए शपथ पत्र मांगे गये थे। मंगलवार शाम तक 334 लोगों ने अपना पक्षा समाज कल्याण विभाग को भेज दिया था।प्रदेश में डबल पेंशन घोटाले की जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। फरवरी 2026 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में राज्य में 1377 संदिग्ध डबल पेंशन मामलों का खुलासा हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे।समाज
कल्याण विभाग ने ऐसे संदिग्ध लाभार्थियों की पेंशन पर अस्थायी रोक लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। लाभार्थियों को 10 रुपये के स्टांप पेपर पर अपना पक्ष लिखकर संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। पहले इसके लिए चार अप्रैल तक का समय दिया गया था, लेकिन कम आवेदन मिलने के कारण अंतिम तिथि बढ़ाकर आठ अप्रैल कर दी गई।कुटुंब पेंशन आश्रितों संग वृद्धापेंशन का भी लाभजांच में सामने आया कि कई लोग सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति पेंशन के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था, विधवा या राज्य आंदोलनकारी पेंशन का लाभ भी ले रहे थे। इसके अलावा कई मामलों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित या कुटुंब पेंशन के साथ अन्य पेंशन योजनाओं का लाभ लेने की शिकायतें भी मिली थी।403 खाते पहले से इनएक्टिव थेडबल पेंशन गड़बड़ी की जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुल 1377 पेंशन खातों में 403 खाते पहले से बंद पड़े थे। यानी इन खातों में किसी भी प्रकार की कोई पेंशन नहीं दी जा रही थी। कुल 970 मामलों की जांच के लिए लाभार्थियों से शपथ पत्र मांगे गये थे, जिनमें मंगलवार शाम तक 334 में आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बुधवार को अंतिम दिन भी कई जिलों से लाभार्थियों के शपथ पत्र जमा हुए, जिनका फाइनल आंकड़ा 400 पार जा सकता है।सात अप्रैल की शाम तक कुल 334 शपथ पत्र प्राप्त हो चुके हैं। सभी आपत्तियों की जांच जारी है और प्रयास है कि एक सप्ताह के भीतर पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाए।डॉ. संदीप तिवारी, निदेशक समाज कल्याणजिलों से प्राप्त आपत्तियांचमोली : 50देहरादून : 46टिहरी : 44पौड़ी : 41रुद्रप्रयाग : 33हरिद्वार : 28पिथौरागढ़ : 23बागेश्वर : 21ऊधमसिंहनगर : 14उत्तरकाशी : 11नैनीताल : 6अल्मोड़ा : 6चम्पावत :


