हल्द्वानी में अभिभावकों को अब निजी स्कूलों की महंगी फीस के साथ-साथ शिक्षा विभाग की पुस्तकों की उच्च कीमतों का भी सामना करना पड़ रहा है। एनसीईआरटी और उत्तराखंड की किताबों में अंतर ने अभिभावकों का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे कक्षा 1 की किताबें 105 रुपये महंगी हो गई हैं।

हल्द्वानी। प्रमोद डालाकोटी। उत्तराखंड में अभिभावकों पर न केवल निजी स्कूलों की महंगी फीस की मार पड़ रही है, बल्कि अब शिक्षा विभाग की अपनी पुस्तकों ने भी उनके बजट को गड़बड़ा दिया है। पहली कक्षा से एनसीईआरटी और उत्तराखंड शिक्षा विभाग की पुस्तकों के अंतर ने अभिभावकों को ‘महंगाई’ के पाठ में उलझा दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कक्षा एक की किताबों में अभिभावकों को 105 रूपए अधिक देने पड़ रहे हैं। यह भी तब जब उत्तराखंड और एनसीईआरटी की पुस्तक एक जैसी हैं। उच्च प्राथमिक में भी बढ़ गया बोझजैसे-जैसे कक्षाएं बढ़ रही हैं। कीमतों का यह अंतर भी बढ़ता जा रहा है।
कक्षा 3 से 5 तक के छात्रों के लिए किताबों का बोझ सीधा दोगुना हो गया है। कक्षा 3 से 5 एनसीईआरटी 6 किताबों का पूरा सेट मात्र ₹390 में उपलब्ध है। वहीं उत्तराखंड बोर्ड की इसी समान सेट के लिए अभिभावकों को ₹696 चुकाने पड़ रहे हैं।ये है किताबों के सेट की कीमतकक्षा किताब एनसीईआरटी उत्तराखंड1 3 195 3002 3 195 3033 6 390 6964 6 390 6965 6 390 696(जो हल्द्वानी के बुकसेलर्स की ओर से पूछने पर बताया गया)इनका कहना:जो किताबें भी शिक्षा विभाग की ओर से प्रकाशित की जा रही हैं। वह टेंडर प्रक्रिया के तहत की गई हैं, इसकी रायल्टी भी एनसीईआरटी को दी जाती है।गोविंद जायसवाल, मुख्य शिक्षाधिकारी नैनीताल


