दस सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने दिया धरना
राज्य निगम कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने नियमितीकरण समेत 10 मांगों को लेकर हल्द्वानी में धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि दैनिक वेतन और संविदा कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी हैं। उन्होंने सरकार से ठोस समाधान की मांग की और कहा कि उनके अधिकारों के लिए आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है।

देवेंद्र रौतेला हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। राज्य निगम कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने नियमितीकरण समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत गुरुवार को रोडवेज स्टेशन पर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक निगमों, निकायों और उपक्रमों में कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा, आउटसोर्स और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। शासन स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा है। मजबूरन वह आंदोलन करने को बाध्य हो गए हैं।रोडवेज परिसर में दिए धरने में प्रदेश महासचिव श्याम सिंह नेगी ने कहा कि हमने बार-बार शासन के द्वार खटखटाए। मांग पत्र के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन बदले में हमें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले।
जब सरकार कर्मचारियों की जायज आवाज को अनसुना कर दे, तो आंदोलन करना हमारी मजबूरी नहीं, बल्कि कर्मचारियों के शोषण से बचाने की विवशता बन जाती है। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पंत ने कहा कि कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट गया है। हमारा यह संघर्ष केवल अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए है। पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे और सरकार को भी नींद से उठाएंगे, जो हमारी ज्वलंत समस्याओं को देखकर भी अनदेखा कर रही है। नियमितीकरण हमारा हक है और इसे लेकर ही रहेंगे।


