दून-दिल्ली के बाद हल्द्वानी-दिल्ली एक्सप्रेस वे की बढ़ी उम्मीदें
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से हल्द्वानी की दिल्ली से कनेक्टिविटी में सुधार की संभावना है। यदि योजना सफल होती है, तो यात्रा समय तीन से चार घंटे रह सकता है। इससे पर्यटन, उद्योग और स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि हाइ-स्पीड कॉरिडोर से यातायात में कमी आएगी।

बृजेंद्र मेहता, हल्द्वानी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन के साथ ही कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी को दिल्ली से हाई-स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। यदि सरकार की मंशा साकार हुई तो हल्द्वानी से दिल्ली की दूरी घटकर करीब तीन घंटे रह सकती है, जिससे कुमाऊं की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के नए आयाम खुल सकेंगे।27 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात कर हल्द्वानी-दिल्ली एक्सप्रेस वे बनाने की पैरवी कर चुके हैं। वर्तमान में हल्द्वानी से दिल्ली का सफर रामपुर, मुरादाबाद, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए एनएच-9 से तय होता है। भारी ट्रैफिक के कारण यह दूरी छह से सात घंटे में पूरी होती है।
हालांकि, दिल्ली से काठगोदाम तक फोर लेन का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, जिससे कुछ राहत मिली है, लेकिन बढ़ते यातायात दबाव के चलते हाई-स्पीड कॉरिडोर की जरूरत भी महसूस की जा रही है।ग्रीन-ब्राउन फील्ड से खुल सकते हैं रास्तेतकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, हल्द्वानी-दिल्ली कॉरिडोर के लिए ग्रीन फील्ड (न्यू अलाइनमेंट) और ब्राउन फील्ड मॉडल अपनाया जा सकता है। छोटे शहरों के आसपास बाइपास बनाकर दूरी कम करने और मौजूदा फोर लेन का 40-60% उपयोग करने की संभावना है। यदि यह योजना साकार होती है, तो यात्रा समय घटकर तीन से चार घंटे तक रह सकता है।कुमाऊं में बदल सकेगी पर्यटन और उद्योगों की तस्वीरविशेषज्ञों के अनुसार, यदि हल्द्वानी को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ा जाता है, तो दिल्ली से यात्रा समय घटकर 3-4 घंटे रह सकता है। इससे नैनीताल, भीमताल, रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान हो जाएगी। साथ ही रुद्रपुर के औद्योगिक क्षेत्र को भी तेज लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।————————लोगों को ये होंगे फायदेयात्रा समय में 40-50% तक कमीट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं में कमीपर्यटन में तेजी, स्थानीय रोजगार बढ़ेगाव्यापार और परिवहन होगा आसानरियल एस्टेट और निवेश के नए अवसर


