उत्तराखंड के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए ‘गेल उत्कर्ष सुपर 100’ कार्यक्रम उम्मीदों की नई किरण बनकर उभरा है। गेल (इंडिया) लिमिटेड की इस सीएसआर पहल ने जेईई मेन्स 2026 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है। हल्द्वानी केंद्र के 4
.
शानदार नतीजे 12 छात्रों ने हासिल किए 95+ पर्सेंटाइल इस साल हल्द्वानी केंद्र का सफलता प्रतिशत 73.3% रहा। विशेष बात यह है कि 12 छात्रों ने 95 पर्सेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 2021 में शुरू हुए इस केंद्र ने अब तक 317 छात्रों के सपनों को पंख दिए हैं, जिनमें से 27 का चयन IIT और 59 का चयन NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हो चुका है।
निशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधा
गेल इंडिया, सीएसआरएल (CSRL) के सहयोग से गरीब बच्चों को 11 महीने की पूरी तरह मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रदान करता है। यहाँ केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि रहने और खाने की व्यवस्था भी निशुल्क होती है।आर्थिक रूप से कमजोर परिवार (सालाना आय सीमा ₹4 लाख तक)। प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार (इंटरव्यू) देना होता है। कानपुर (2009) से शुरू हुई यह मुहिम अब हल्द्वानी और वाराणसी तक फैल चुकी है, जहाँ नीट (NEET) की तैयारी भी कराई जाती है।
आवेदन कैसे करें?
अगर आपके बच्चे में भी प्रतिभा है और आप उसे इंजीनियर या डॉक्टर बनाना चाहते हैं, तो आप गेल इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या CSRL की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन पूरी तरह से मेरिट और छात्र की आर्थिक स्थिति के आधार पर किया जाता है।

