हल्द्वानी में सेना की वर्दी पहनकर रौब झाड़ना एक युवक को भारी पड़ गया। खुद को सेना का ‘मेजर’ बताकर घूम रहे युवक का सामना जब असली मेजर से हुआ, तो उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। शक होने पर असली मेजर ने जब बारीकी से पूछताछ की, तो युवक कोई संतोषजनक जवाब नह
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मॉल के पास संदिग्ध हालत में घूम रहा था आरोपी
पुलिस क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी, अमित सैनी ने बताया कि हल्द्वानी काठगोदाम निवासी मेजर अजय पाठक ने वॉकवे मॉल के पास एक युवक को सेना की वर्दी में देखा। मेजर पाठक ने जब उससे नाम पूछा, तो उसने अपना नाम ‘मेजर अमन’ बताया। मेजर अजय पाठक को युवक की बातचीत और वर्दी धारण करने की शैली से उसके फर्जी होने का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिस टीम को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जब युवक से उसकी यूनिट और आईडी कार्ड के बारे में पूछा, तो वह कोई ठोस जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई।
क्यों बना फर्जी मेजर? आरोपी ने बताया कारण
पकड़े गए युवक की पहचान 24 वर्षीय अमन, निवासी खटीमा (ऊधम सिंह नगर) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। अमन ने बताया की उसे सेना में भर्ती होने का बहुत शौक था, लेकिन असफल होने के कारण सपना टूट गया। सेना के प्रति आकर्षण और लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए मैंने वर्दी पहन ली और खुद को मेजर बताने लगा। सीओ अमित सैनी ने बताया कि सेना की वर्दी का दुरुपयोग करने के मामले में मेजर अजय पाठक की तहरीर पर काठगोदाम थाने में धारा 168 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला संवेदनशील होने के कारण आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट टीमें भी आरोपी से पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वर्दी की आड़ में उसने किसी अन्य वारदात को तो अंजाम नहीं दिया।

