हल्द्वानी में बिना रजिस्ट्रेशन के टैंकरों से पानी की कालाबाजारी
हल्द्वानी में गर्मियों के दौरान पेयजल संकट बढ़ रहा है। लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं और निजी टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। विभागीय टैंकरों से भी पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की निगरानी की कमी से पानी की कालाबाजारी बढ़ रही है।
देवेंद्र रौतेला, हल्द्वानी। गर्मी के असर के साथ बढ़ रहा पेयजल का संकट टैंकर संचालकों के लिए आपदा में अवसर बन गया है। पानी की कमी से जूझ रहे क्षेत्रों में निजी टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। हल्द्वानी के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। गर्मियों में घरेलू जरूरत के लिए पीने का पानी मिलना भी मुश्किल बना हुआ है। विभागीय टैंकरों से भी लोगों को एक से दो बाल्टी पानी मुश्किल से मिल रहा है। ऐसे में पेयजल के लिए निजी टैंकरों पर निर्भरता बढ़ रही है। ऐसे में टैंकर संचालकों की ओर से पानी के लिए प्रशासन द्वारा तय रेट का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
जल संस्थान 100 रुपये में एक टैंकर में पानी भरकर देता है, वहीं निजी टैंकर इसके लिए लोगों से 1000 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं। जबकि घरेलू उपयोग के लिए 500 और व्यावसायिक के लिए 600 रुपये में पानी देने का नियम है। इन दिनों पानी का संकट होने से सड़कों पर रोज सैकड़ों टैंकर दौड़ रहे हैं। कोई भी जिम्मेदार विभाग इनकी निगरानी नहीं कर रहा है, जबकि इसके लिए विभागों की संयुक्त समिति भी बनाई गई है। निगरानी नहीं होने से पानी की कालाबाजारी धड़ल्ले से हो रही है।बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे टैंकरहल्द्वानी में परिवहन विभाग के अनुसार पेयजल का टैंकर रजिस्टर्ड नहीं है। कृषि कार्य के लिए 8430 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। इनसे ही अवैध टैंकरों में भरा पानी घरों तक पहुंचाया जा रहा है। व्यावसायिक गतिविधि के बाद भी इसके लिए कोई टैक्स नहीं चुकाया जा रहा है।दुर्घटना होने पर मुआवजा मिलना भी मुश्किलहल्द्वानी के व्यस्त यातायात के बीच दिनभर दर्जनों टैंकर पानी पहुंचाने के लिए दौड़ रहे हैं। ऐसे में हादसों का खतरा भी है। वहीं बिना पंजीकृत टैंकरों से कोई हादसा होने पर नियमानुसार मुआवजा भी नहीं मिलेगा।बोले लोग :::गर्मी में पानी का संकट ज्यादा होने पर टैंकर मनमाने रेट ले रहे हैं। इनके खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।महेंद्र सिंह, दमुवाढूंगासाल भर टैंकर अलग-अलग रेट लेते हैं। पानी का संकट ज्यादा होते ही यह 1000 रुपये तक की रकम वसूलते हैं।नंदन आर्या, हरिपुर गांगूगर्मी बढ़ने के साथ ही ट्यूबवेल खराब होने शुरू हो गए हैं। टैंकरों की लूट शुरू हो गई है। लगातार रेट बढ़ा रहे हैं।आनंद मेहता, कठघरियाजिम्मेदार विभाग पहले ही पानी देने में फेल हो गए हैं। अब टैंकरों की मनमानी भी नहीं रोक रहे हैं, जिससे दिक्कत बनी हुई है।आशा जोशी, बच्ची नगरबोले अधिकारी :::निजी टैंकरों को 100 रुपये का भुगतान जमा करने पर पानी दिया जाता है। इसके लिए पहले से ही धनराशि निर्धारित की गई है।रविशंकर लोशाली, अधिशासी अभियंता, जल संस्थानटैंकरों के रजिस्ट्रेशन की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान चलाकर इनकी नियमित जांच भी की जाएगी।गुरुदेव सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन हल्द्वानीनिजी टैंकरों की जांच और रजिस्ट्रेशन के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा। पेयजल जैसी जरूरी वस्तु की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी नैनीताल


