हल्द्वानी। बेस अस्पताल में अब आंख के ऑपरेशन के मरीजों को भी ऑपरेशन के बाद झिल्ली कटवाने सुशीला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंख से झिल्ली भी तोड़ी जाती है। इसके लिए यहां लेजर मशीन लगी है लेकिन वह झिल्ली तोड़ने का काम नहीं कर रही है। करीब 150 की ओपीडी में यहां एक दिन में पांच से सात ऑपरेशन होते हैं और ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख से झिल्ली तोड़ी जाती है ताकि मरीज का विजन ठीक हो सके। यहां से मरीजों को इस काम के लिए तीन किमी दूर सुशीला तिवारी अस्पताल जाना पड़ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय जोशी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जिन मरीजों को दिक्कत होती है वह एसटीएच में झिल्ली हटाने जाते हैं।
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सिटी स्कैन मशीन ढाई साल से खराब
यहां सिटी स्कैन मशीन को खराब हुए ढाई साल हो चुके हैं। विभाग के आला अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। 40 से 50 मरीजों को जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल जाना पड़ रहा है। बेस अस्पताल प्रबंधन चार से पांच बार यहां से डीजी स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार कर चुका है।
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15 दिन तक चेस्ट और हड्डी की जांच नहीं होगी
चारधाम यात्रा में ड्यूटी लगने के कारण बेस अस्पताल में करीब 15 दिन तक एकमात्र चेस्ट फिजिशियन और हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं बंद रहेंगी। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस खोलिया 27 मई से 15 जून तक, चेस्ट फिजिशियन डॉ. जितेंद्र भट्ट 17 जुलाई से पांच अगस्त तक और फिजिशियन डॉ. विनीता निखुर्पा 14 सितंबर से तीन अक्तूबर तक चार धाम ड्यूटी के चलते बेस अस्पताल में सेवाएं नहीं देंगी।
– लेजर मशीन में दिक्कत होने की लिखित शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। सिटी स्कैन जब तक ठीक नहीं होती या नई नहीं आती जांचें बंद हैं। – डाॅ. केएस दताल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल।

