ई-रिक्शा के हर चौराहे पर मनमाने स्टॉपेज, बढ़ रहा खतरा
हल्द्वानी की सड़कों पर ई-रिक्शा अब अव्यवस्था और खतरे का कारण बन गए हैं। नियमों की अनदेखी, अवैध स्टैंड और गलत पार्किंग से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सुशीला तिवारी अस्पताल के पास रोजाना जाम लगता है, जबकि अन्य स्थानों पर भी ई-रिक्शा चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। आरटीओ ने सुधार के लिए अभियान चलाने का आश्वासन दिया है।

वरिष्ठ संवाददाता। हल्द्वानी। शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा अब सुविधा से ज्यादा अव्यवस्था और खतरे का पर्याय बनते जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब ई-रिक्शा से जुड़ी दुर्घटना की खबर सामने न आती हो। नियमों की खुलेआम अनदेखी, अवैध स्टैंड और मनमाने स्टॉपेज ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। रामपुर रोड स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल के पास रोजाना लगने वाला अवैध ई-रिक्शा स्टैंड जाम का बड़ा कारण बना हुआ है। यहां सड़क पर ही खड़े ई-रिक्शा न केवल ट्रैफिक को बाधित करते हैं, बल्कि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी परेशानी खड़ी करते हैं।मुखानी
चौराहे पर स्थिति और भी गंभीर है, जहां नो-पार्किंग जोन में ही ई-रिक्शा चालक सवारियां भरते नजर आते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। वहीं नैनीताल रोड के एमबी तिराहे पर ई-रिक्शा चालक रॉन्ग साइड से वाहन निकालते हैं, जो कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।जगदंबा नगर में मोड़ पर बना अवैध ई-रिक्शा स्टैंड जाम और दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। इसी तरह कालाढूंगी रोड पर सवारी पकड़ने की होड़ में चालक नियमों को ताक पर रखकर कहीं भी वाहन रोक देते हैं। शहर की सड़कों पर ओवरलोडिंग भी आम बात हो गई है, जिससे ई-रिक्शा असंतुलित होकर हादसे का शिकार हो सकते हैं।- लगातार बिगड़ती व्यवस्था पर आरटीओ गुरदेव सिंह ने कहा कि ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और व्यवस्था सुधारने के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।फोटो:::::


