बेटी मुझे माफ कर देना..तेरी जिंदगी नहीं बचा पाई
हल्द्वानी में एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने मां के हाथ से सड़क पार करते समय 6 साल की कनक को कुचल दिया। कनक की मां राजकुमारी ने बस चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन बस की गति अधिक होने के कारण वह नहीं रुक सका। घटना के बाद मां और पिता का बुरा हाल है।

हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। मां अपनी लाडली कनक का हाथ थामे सड़क पार करा रही थी। इतने में नैनीताल की ओर से काल बनकर आई एक तेज रफ्तार रोडवेज बस ने कनक को कुचल दिया। बेटी की मौत के बाद मां खुद को कोसते हुए कह रही है… कनक बेटा मुझे माफ कर देना, मैं तेरी जिंदगी नहीं बचा पाई…। भाजपा नेता सचिन शाह के मुताबिक राजकुमारी बच्चों के साथ सड़क पार कर रही थीं। सड़क के बीच में अचानक बस को आता देख अन्य तीन बच्चे तो डरकर पीछे हट गए, लेकिन कनक मां का हाथ छुड़ाकर आगे की ओर बढ़ गई।
राजकुमारी ने चीखते हुए और हाथ हिलाकर बस चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन तेज रफ्तार के कारण जब तक चालक ने ब्रेक मारी, कनक पहियों की चपेट में आ चुकी थी। घटना के बाद मां राजकुमारी की स्थिति सुध-बुध खोने जैसी हो गई है। वह बार-बार बदहवास होकर बस एक ही रट लगाए हुए हैं, मेरी कनक कहां है? मुझे मेरी बेटी को दिखा दो…। वहीं पिता जीवन लाल की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। वह बार-बार अपनी लाडली को खोने के गम में दीवार और सड़क पर सिर पीटकर खुद को कोस रहे हैं।लोग बोले, ओवरस्पीड में थी बसप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस बस ने बच्ची को रौंदा, उसकी गति काफी ज्यादा थी। इस कारण दूर से ही राजकुमारी के इशारा करने के बाद भी चालक बस पर नियंत्रण नहीं पा सका। स्थानीय महिलाओं के अनुसार, यहां पर अक्सर ऊपर से नीचे की ओर आते वक्त वाहनों की स्पीड ज्यादा रहती है। पहले भी कई बार बड़े हादसे होने से बचे हैं।पुलिस अधिकारियों से नाराज हुए लोगघटना 12 बजे हुई। बच्ची के पिता जीवन लाल के मुताबिक स्थानीय पुलिस अधिकारियों को तत्काल घटना की जानकारी दे दी गई, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दो बजे पुलिस के अफसर मौके पर पहुंचे। इस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि आरोपी चालक पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।पुलिस के पैरों में गिरकर रोया पिताजैसे ही पुलिस रानीबाग स्थित घटनास्थल पहुंची तो बच्ची के पिता जीवन लाल एसएचओ वनभूलपुरा डीएस फर्त्याल के पैरों में गिर गए। वह रोते हुए कहने लगे कि साहब मेरी बच्ची मुझे वापस दिला दो। आसपास खड़े पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जीवन को चुप कराया और किनारे लाकर बिठाया।सार्थक और सोनू बहन को ढूंढ रहेकनक की मौत के बाद उसके बड़े भाई सोनू और सार्थक का भी रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों अपनी बहन को खोज रहे हैं। वे बार-बार रोकर बिलख रही मां के पास जाकर पूछ रहे हैं कि कन्नू कहां है मां…। पड़ोसी किसी तरह राजकुमारी के बच्चों को संभाले हुए हैं।


