हल्द्वानी: हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण क्षेत्र में रहने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगाए गए कैंप में बड़ी संख्या में आवेदन सामने आए थे, लेकिन अब जांच के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं दरअसल, बनभूलपुरा इलाके में प्रधानमंत्री आवास योजना के कैंप के दौरान करीब 7000 आवेदन प्राप्त हुए थे।
बताया जाता है कि इसमें जमीयत उलेमा ए हिंद के कार्यकर्ताओं ने आकर आवेदकों के फार्म जमा करवाए। जबकि सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के हिसाब से करीब 5000 आवेदन ही आने चाहिए थे। नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, जब इन आवेदनों की स्क्रूटनी की गई तो सामने आया कि कई आवेदकों के पास पहले से ही मकान मौजूद है जांच के दौरान गड़बड़ी उजागर होने के बाद अब कार्रवाई के डर से लोग खुद ही अपने आवेदन वापस लेने लगे हैं।
आवेदकों को पहले ही दिया गया था शपथ पत्र
नगर आयुक्त ने बताया कि आवेदकों द्वारा पहले शपथ पत्र भी दिया गया था। लेकिन, अब कई लोग स्वयं सामने आकर यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे पहले ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले चुके हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि जो भी लोग गलत तरीके से आवेदन किए हैं वे खुद आगे आकर अपने फॉर्म निरस्त करवा सकते हैं जो पात्र हैं उनके आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, उन्हें किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिलेगा जबकि गलत तरीके से आवेदन करने वालों पर प्रशासन ने अपना कानून का डंडा भी दिखाया है।
नगर आयुक्त श्री वर्मा ने बताया कि गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कारवाई इसलिए कर सकता है क्योंकि झूठे दावे करने से समय बर्बाद होता है और प्रशासन को भी सत्यापन करने में समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की अगली तारीख से पहले सभी दावेदारों की स्कूटनी का काम पूरा करवा लिया जाएगा।

